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लाइव म्यूजिक और लाइव पेंटिंग के संग सजा रचनात्मकता का रंगमंच, धनबाद में छठे कैनवस पेंटिंग वर्कशॉप का आयोजन

JP Bharat Shareधनबाद: हॉबी सेंटर और धनबाद क्लब के संयुक्त तत्वावधान में छठे कैनवस पेंटिंग वर्कशॉप का आयोजन “लाइव म्यूजिक विथ लाइव पेंटिंग” थीम पर किया गया। संगीत और चित्रकला के अनूठे संगम से सजे इस आयोजन में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यशाला का संचालन प्रख्यात पेंटिंग आर्टिस्ट शिव शंकर…

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धनबाद: हॉबी सेंटर और धनबाद क्लब के संयुक्त तत्वावधान में छठे कैनवस पेंटिंग वर्कशॉप का आयोजन “लाइव म्यूजिक विथ लाइव पेंटिंग” थीम पर किया गया। संगीत और चित्रकला के अनूठे संगम से सजे इस आयोजन में प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यशाला का संचालन प्रख्यात पेंटिंग आर्टिस्ट शिव शंकर धर, जोइता धर और सोहनी धर के मार्गदर्शन में किया गया। वहीं गायिका बरनाली मुखर्जी और सुमंत बनर्जी की लाइव सिंगिंग ने पूरे माहौल को आनंदमयी और संगीत से सराबोर बना दिया।

कार्यशाला में चयनित 10 प्रतिभागियों—ममता चौधरी, गुरप्रीत लीट, शुभा किरण, अर्चना सिंह, निकिता सिंह, जालपा सांगवी, अद्विका, शांभवी और दीप्ती ने एक से बढ़कर एक आकर्षक, दर्शनीय और सटीक चित्रकारी प्रस्तुत की। प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर ऐक्रेलिक पेंटिंग के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर जीवंत किया।

एक प्रतिभागी ने कहा कि संगीत के मधुर माहौल में चित्रकारी करना बेहद सुखद और मनोरंजक अनुभव रहा। इससे न केवल रचनात्मकता को बढ़ावा मिला, बल्कि मानसिक तनाव भी कम हुआ।

कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिव शंकर धर ने कहा कि लाइव म्यूजिक और लाइव पेंटिंग की थीम पर आयोजित यह कार्यशाला प्रतिभागियों को एक रिलैक्सिंग और प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में लैंडस्केप, फूल, प्राकृतिक दृश्य और मून मैजिक जैसे विषयों पर विशेष रूप से चित्रकारी कराई गई।

प्रतिभागी ममता चौधरी ने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से हॉबी सेंटर में पेंटिंग सीख रही हैं। उन्होंने कहा कि चित्रकला की दुनिया इतनी विशाल है कि आज भी उन्हें हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है और शिव शंकर धर जैसे अनुभवी कलाकारों का मार्गदर्शन उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि घरेलू और कामकाजी महिलाओं के लिए इस तरह की कार्यशालाएं कला सीखने के साथ-साथ तनाव कम करने का भी बेहतरीन माध्यम हैं। यहां शुरुआती लोग भी बिना किसी पूर्व अनुभव के सुंदर ऐक्रेलिक पेंटिंग बनाना सीख सकते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित अतुल डोकानिया ने प्रतिभागियों द्वारा बनाई गई चित्रकारियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक गतिविधियां समाज में कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।


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