देवघर: जिले में भ्रूण के लिंग की जांच और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी और जांच तेज कर दी है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में बुधवार को उपायुक्त कार्यालय में जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में अल्ट्रासाउंड केंद्रों से जुड़े आवेदनों और पीसी-पीएनडीटी एक्ट के अनुपालन की समीक्षा की गई।
जिले में फिलहाल 55 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं। इन सभी केंद्रों का जिला स्तर पर गठित टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान किसी केंद्र में नियमों का उल्लंघन या अनियमितता मिलने पर लाइसेंस रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन फॉर्म-एफ की भी होगी जांच
बैठक में ‘गरिमा झारखंड’ वेबसाइट पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों द्वारा दर्ज किए जा रहे ऑनलाइन फॉर्म-एफ की भी जांच करने का निर्देश दिया गया। जिन केंद्रों पर 10 से कम गर्भवती महिलाओं के फॉर्म-एफ दर्ज पाए गए हैं, उनके रिकॉर्ड की समिति द्वारा जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपने को कहा गया है।
लिंग जांच पर कानून सख्त
PC-PNDT Act के तहत गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच करना या कराना प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर, लैब कर्मी या अन्य जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और निर्धारित सजा-जुर्माने का प्रावधान है।
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक और समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
















