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पूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान: 30 दिनों में बना जन-आंदोलन, यात्रियों में दिखा बड़ा बदलाव

JP Bharat Shareपूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान बना जन-आंदोलन आसनसोल/कोलकाता : पूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है। महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के नेतृत्व में 15 अप्रैल से 14 मई तक चल रहा ‘स्वच्छ भारत स्वच्छ रेल’ अभियान लोगों के बीच तेजी से प्रभाव डाल रहा है। स्वच्छता को…

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पूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान बना जन-आंदोलन

आसनसोल/कोलकाता : पूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान अब सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक जन-आंदोलन बन चुका है। महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर के नेतृत्व में 15 अप्रैल से 14 मई तक चल रहा ‘स्वच्छ भारत स्वच्छ रेल’ अभियान लोगों के बीच तेजी से प्रभाव डाल रहा है।

स्वच्छता को बनाया सामाजिक आदत

इस पूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के बीच स्वच्छता को एक आदत के रूप में विकसित करना है।

अभियान के तहत:

  • डस्टबिन के उपयोग के लिए प्रेरित किया जा रहा है
  • प्लास्टिक मुक्त यात्रा का संदेश दिया जा रहा है
  • स्वच्छता की शपथ दिलाई जा रही है

स्काउट्स एंड गाइड्स की अहम भूमिका

पूर्व रेलवे भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के स्वयंसेवक इस अभियान को जमीन स्तर पर सफल बना रहे हैं।

वे यात्रियों को जागरूक करने के साथ-साथ विभिन्न गतिविधियों का आयोजन कर रहे हैं।

प्रतियोगिताओं से बढ़ रही भागीदारी

  • अभियान के दौरान:
  • पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता
  • स्लोगन लेखन प्रतियोगिता

इन गतिविधियों के जरिए युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

इन स्टेशनों पर विशेष अभियान

पूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान के तहत कई प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों में कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जैसे:

  • आसनसोल
  • वर्धमान
  • बैंडेल
  • नैहाटी

साथ ही दक्षिणेश्वर और बालीगंज जैसे व्यस्त स्टेशनों पर भी विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

यात्रियों से मिल रहा सकारात्मक फीडबैक

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी के अनुसार, यात्रियों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया इस बात का संकेत है कि यह अभियान सफल हो रहा है।

उन्होंने बताया कि यह पहल सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में भी बदलाव ला रही है।

क्या है खास?

  • पूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि:
  • यह लोगों की सोच बदल रहा है
  • स्वच्छता को सामूहिक जिम्मेदारी बना रहा है

यात्रियों को सक्रिय रूप से जोड़ रहा है

🧾 निष्कर्ष

पूर्व रेलवे स्वच्छता अभियान यह साबित कर रहा है कि सही नेतृत्व और जनभागीदारी से कोई भी पहल एक बड़े सामाजिक आंदोलन में बदल सकती है। यह अभियान आने वाले समय में पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है।

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