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पूर्वी टुंडी बामनबाद में 24 पहर अखंड हरि कीर्तन, गायक बादल पाल ने बांधा समां

JP Bharat Shareपूर्वी टुंडी: भक्ति और सुरों से गूंजा बामनबाद गांव धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी स्थित बामनबाद गांव में 27 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक चार दिवसीय 24 पहर अखंड हरि कीर्तन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में आस्था, भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को…

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पूर्वी टुंडी: भक्ति और सुरों से गूंजा बामनबाद गांव

धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी स्थित बामनबाद गांव में 27 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक चार दिवसीय 24 पहर अखंड हरि कीर्तन का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक अनुष्ठान में आस्था, भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।

पूजा-अर्चना के साथ हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत पंडित विवेकानंद भट्टाचार्य द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देवी-देवताओं के आह्वान के साथ हुई। वहीं साधन दास ने हरि नाम संकीर्तन की शुरुआत कर पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

इस आयोजन में अम्बिका मंडल सहित पूरे बामनबाद गांव के ग्रामीणों का सराहनीय योगदान रहा।

गायक बादल पाल बने मुख्य आकर्षण

इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रहे बोकारो के मूल निवासी और बांग्ला एलबम जगत के प्रसिद्ध गायक बादल पाल।

  • उनकी मधुर आवाज में हरि नाम संकीर्तन ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया
  • बांग्ला लोकगीत और भक्ति भजनों की शानदार प्रस्तुति
  • पूरा पंडाल भक्ति के सागर में डूबा नजर आया

जैसे ही उन्होंने गायन शुरू किया, श्रद्धालु झूम उठे और पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

कार्यक्रम में सिर्फ स्थानीय ग्रामीण ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के क्षेत्रों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

भक्ति, आस्था और संगीत का ऐसा संगम कम ही देखने को मिलता है, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।

ग्रामवासियों का सराहनीय योगदान

इस आयोजन को सफल बनाने में कई लोगों की अहम भूमिका रही, जिनमें प्रमुख हैं:

  • सचिदानंद भट्टाचार्य
  • निरंजन भट्टाचार्य
  • सुभाष मंडल
  • नाविक मंडल
  • दशरथ मंडल
  • सनातन मंडल
  • संदीप मंडल
  • प्रशांत मंडल
  • सामंत मंडल
  • ध्रुव मंडल
  • सरत मंडल
  • दुलाल मंडल
  • रासु मंडल

एवं समस्त ग्रामवासी

निष्कर्ष

पूर्वी टुंडी के बामनबाद गांव में आयोजित यह 24 पहर अखंड हरि कीर्तन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी शानदार उदाहरण पेश कर रहा है।

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