मांस बंटवारे से शुरू हुआ विवाद गांव को बांट गया था, पुलिस की पहल से फिर जुड़ा समाज
धनबाद के पूर्वी टुंडी से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो समाज में उम्मीद जगाती है। एक ‘खस्सी’ के मांस के बंटवारे से शुरू हुआ विवाद 12 साल तक गांव को दो हिस्सों में बांटता रहा। हालात ऐसे बने कि पानी को लेकर ‘जल युद्ध’ छिड़ गया। लेकिन अब पुलिस की पहल से यह पुरानी दुश्मनी खत्म हो गई और गांव में फिर से भाईचारा लौट आया है।
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पूर्वी टुंडी : रूपन पंचायत के लाहबेड़ा गांव में वर्षों पुराना विवाद आखिरकार खत्म हो गया। साल 2014 में चुनाव के दौरान ‘खस्सी’ (बकरे) के मांस के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि गांव ‘ऊपर टोला’ और ‘नीचे टोला’ में बंट गया।
स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के लिए पानी तक पर रोक लगा दी, जिससे ‘जल युद्ध’ जैसे हालात बन गए। दोनों पक्षों के बीच वर्षों तक सामाजिक दूरी और तनाव बना रहा।
पुलिस की पहल से आई सुलह
मामले को सुलझाने के लिए सर्किल इंस्पेक्टर शाजिद हुसैन और थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने सक्रिय पहल की। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के साथ मिलकर गांव में चौपाल आयोजित की।
सतीश मुर्मू की मौजूदगी में हुई इस बैठक में दोनों पक्षों को समझाया गया। पुलिस की सख्ती और संवेदनशीलता के मिश्रण ने वह कर दिखाया, जो वर्षों में संभव नहीं हो पाया था।
खत्म हुआ 12 साल का बहिष्कार
चौपाल के बाद दोनों पक्षों ने आपसी मतभेद भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाया और 12 साल से चला आ रहा सामाजिक बहिष्कार समाप्त कर दिया। गांव में अब फिर से एकता और भाईचारे का माहौल देखने को मिल रहा है।














