रांची: झारखंड में परिसीमन की संभावित प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि इससे राज्य में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित विधानसभा सीटों और आदिवासी समुदाय के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।
बंधु तिर्की के अनुसार, वह इस मुद्दे पर एक प्रस्तावित दस्तावेज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और झारखंड के सांसदों को सौंपने की तैयारी कर रहे हैं।
उन्होंने आशंका जताई कि परिसीमन के बाद आरक्षित सीटों की स्थिति में बदलाव होने से आदिवासी समाज की राजनीतिक भागीदारी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने इस विषय पर संवैधानिक प्रावधानों, राज्य की सामाजिक संरचना और आदिवासी समुदाय के अधिकारों को ध्यान में रखकर चर्चा करने की जरूरत बताई।
बंधु तिर्की ने यह भी कहा कि संभावित बदलावों का असर झारखंड में आदिवासी मुख्यमंत्री बनने की संभावनाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, यह उनका राजनीतिक आकलन है। परिसीमन के वास्तविक प्रभाव का पता आधिकारिक प्रक्रिया और संबंधित संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर ही चलेगा।
फिलहाल, प्रस्तावित दस्तावेज सौंपने के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। इस मुद्दे पर आगे की पहल के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
















