रांची: भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के निर्देश पर MSME विकास कार्यालय, रांची की ओर से दो दिवसीय विक्रेता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के पहले दिन झारखंड के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में उद्यमी शामिल हुए और अपने उत्पादों की जानकारी साझा की।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य के MSME उद्यमियों को नए बाजार और संभावित खरीदारों से जोड़ना है, ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों को कारोबार बढ़ाने के नए अवसर मिल सकें। कार्यक्रम का समापन गुरुवार को होगा, जहां दूसरे दिन विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
MSME को बताया अर्थव्यवस्था की रीढ़
उद्घाटन सत्र में CMPDI के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक चौधरी शिवराज सिंह ने कहा कि MSME क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। उन्होंने उद्यमियों के विकास और उन्हें सहयोग देने के लिए CMPDI की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी।
बाइट: चौधरी शिवराज सिंह, CMD, CMPDI
वहीं, MSME विकास कार्यालय रांची के निदेशक इंद्रजीत यादव ने कहा कि उद्योग स्थापित करने से लेकर बाजार उपलब्ध कराने तक विभाग उद्यमियों के साथ खड़ा है। उन्होंने बताया कि संभावित ग्राहकों और नए बाजारों से उद्यमियों को जोड़ने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
बाइट: इंद्रजीत यादव, निदेशक, MSME झारखंड
विभिन्न जिलों से पहुंचे उद्यमी
कार्यक्रम में झारखंड के अलग-अलग जिलों से पहुंचे उद्यमियों ने अपने स्टॉल लगाए। उन्होंने अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने के साथ कारोबार की यात्रा और अनुभव भी साझा किए।
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों से MSME उद्यमियों को नए खरीदारों और बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। इससे राज्य के छोटे एवं मध्यम उद्योगों के कारोबार विस्तार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
















