रांची: जिला स्तरीय शिक्षा समीक्षा बैठक में शिक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। उपायुक्त Manjunath Bhajantri की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में खराब परीक्षा परिणाम, छात्रों की कम उपस्थिति और ई-विद्या वाहिनी पोर्टल में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में माध्यमिक शिक्षा, प्राथमिक शिक्षा, समग्र शिक्षा अभियान और मध्याह्न भोजन योजना की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके अलावा जिला रैंकिंग, विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति, यू-डायस डाटा, शिक्षक प्रशिक्षण और नामांकन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि 10वीं कक्षा में 10 प्रतिशत से अधिक छात्र फेल होने वाले विद्यालयों के शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी किया जाए। वहीं 12वीं विज्ञान संकाय में खराब प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और संबंधित शिक्षकों से भी जवाब तलब किया जाएगा।
ई-विद्या वाहिनी में उपस्थिति दर्ज नहीं करने के मामलों को गंभीरता से लेते हुए रांची सदर की बीपीओ आभा कुमारी को शो-कॉज जारी करने और उनका वेतन रोकने का निर्देश दिया गया है। साथ ही 233 विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर संबंधित प्रधानाध्यापकों का वेतन भी स्थगित करने का आदेश दिया गया है।
बैठक में यह भी सामने आया कि 215 शिक्षकों ने एक भी दिन ई-विद्या वाहिनी में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की है। ऐसे सभी शिक्षकों का वेतन रोकने और भविष्य में केवल डिजिटल उपस्थिति के आधार पर ही वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा शिक्षक प्रशिक्षण, अपार आईडी निर्माण, निपुण भारत अभियान, मध्याह्न भोजन योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और विद्यालयों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और आवश्यक कार्रवाई जारी रहेगी।














