धनबाद: द ब्लैक पर्ल्स धनबाद, ऑल इंडिया कल्चरल काउंसिल और रंग संस्कार थिएटर ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय थिएटर एवं कैमरा एक्टिंग वर्कशॉप ‘रंगशाला-2026’ के तीसरे दिन प्रतिभागियों को रंगमंचीय मेकअप और अभिनय की बारीकियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला का आयोजन लुबी सर्कुलर रोड स्थित विवाह भवन में किया जा रहा है।
सोमवार को आयोजित सत्र में प्रतिभागियों को हिंदी और पारसी रंगमंच की मेकअप शैली से परिचित कराया गया। रांची के वरिष्ठ नाट्य निर्देशक ऋषिकेश लाल ने धार्मिक और सामाजिक पात्रों का मंचीय मेकअप कर उसकी तकनीक समझाई। वहीं राजस्थान के अलवर से आए रंगकर्मी अशोक शर्मा ने पारसी रंगमंच की पारंपरिक रूप-सज्जा की विशेषताओं पर प्रकाश डाला। द ब्लैक पर्ल्स की शारदा गिरी और वीएलसीसी की सोनी साव ने बेस मेकअप की विभिन्न तकनीकों का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पांच प्रकार के मंचीय मेकअप का लाइव डेमो भी दिखाया गया।
कार्यशाला के तीसरे दिन देश के विभिन्न राज्यों से आए वरिष्ठ नाट्य निर्देशकों ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। बिहार के औरंगाबाद से आफताब राणा, जमशेदपुर से मो. निजाम और शिवलाल सागर ने अभिनय, रंगमंच और कला की उपयोगिता पर अपने अनुभव साझा किए।
मो. निजाम ने कहा कि रंगमंच व्यक्ति को जीवन के नौ रसों से जोड़ता है और एक कलाकार समाज के हर वर्ग के जीवन को समझने और मंच पर जीवंत रूप देने की क्षमता विकसित करता है। वहीं शिवलाल सागर ने कहा कि धनबाद में इस तरह की कार्यशाला युवाओं, रंगकर्मियों और सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी।
आयोजकों ने बताया कि रंगशाला-2026 के चौथे दिन प्रतिभागियों को मास्क मेकिंग (मुखौटा निर्माण) और अभिनय की उन्नत तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे मंचीय प्रस्तुति की कला को और बेहतर ढंग से सीख सकें।
















