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सेमीकॉन इंडिया 2026 में IIT (ISM) धनबाद की चिप को मिला सम्मान, स्वदेशी सेमीकंडक्टर रिसर्च को पहचान

JP Bharat Shareधनबाद, 18 सितंबर 2026: स्वदेशी सेमीकंडक्टर रिसर्च और लो-पावर चिप डिजाइन के क्षेत्र में IIT (ISM) धनबाद की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। नई दिल्ली में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 के चिप हैंडओवर समारोह में संस्थान की रिसर्च टीम द्वारा तैयार चिप को सम्मानित किया गया। चिप को इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग…

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धनबाद, 18 सितंबर 2026: स्वदेशी सेमीकंडक्टर रिसर्च और लो-पावर चिप डिजाइन के क्षेत्र में IIT (ISM) धनबाद की उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। नई दिल्ली में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 के चिप हैंडओवर समारोह में संस्थान की रिसर्च टीम द्वारा तैयार चिप को सम्मानित किया गया।

चिप को इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. राजीव कुमार रंजन के नेतृत्व में छात्रों और रिसर्च स्कॉलर्स की टीम ने तैयार किया है। समारोह में छह IIT समेत कुल 20 संस्थानों की चिप तकनीकों को सम्मान मिला। संस्थान की ओर से रिसर्च स्कॉलर राहुल रंजन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चिप और मेमेंटो प्राप्त किया।

स्मार्ट ग्लास के लिए तैयार की गई चिप

यह चिप MeitY की ओर से वित्त पोषित ‘अल्ट्रा-लो पावर असिस्टिव स्मार्ट ग्लास’ प्रोजेक्ट के तहत विकसित की गई है। इसका निर्माण सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी (SCL), मोहाली में किया गया।

डिजिटल एप्लीकेशन-स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट (ASIC) चिप को OV7670 कैमरा के जरिए रियल-टाइम इमेज प्रोसेसिंग के लिए डिजाइन किया गया है। इसका उद्देश्य कम ऊर्जा खपत वाले कॉम्पैक्ट स्मार्ट ग्लास विकसित करना है।

इस चिप की आर्किटेक्चर और प्रोसेसिंग तकनीक का इस्तेमाल बायोमेडिकल इमेजिंग, असिस्टिव हेल्थकेयर डिवाइस, वियरेबल सेंसर और एज-AI सिस्टम जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

पेनमैन ऑडिटोरियम में हुआ लाइव प्रसारण

सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह और चिप हैंडओवर कार्यक्रम का लाइव प्रसारण IIT (ISM) धनबाद के पेनमैन ऑडिटोरियम में किया गया। संस्थान के छात्र और फैकल्टी सदस्यों ने कार्यक्रम को लाइव देखा।

इस अवसर पर निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. संजय मंडल, एसोसिएट डीन प्रो. संजीव आनंद साहू, प्रो. राजीव कुमार रंजन समेत अन्य अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।

प्रो. राजीव कुमार रंजन ने इस उपलब्धि को विभाग और रिसर्च टीम के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय पहचान युवा शोधकर्ताओं को सेमीकंडक्टर डिजाइन और चिप तकनीक के क्षेत्र में आगे काम करने के लिए प्रोत्साहित करेगी।


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