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टीबी मुक्त भारत अभियान को मिलेगी रफ्तार, धनबाद में स्वास्थ्य कर्मियों का क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण आयोजित

JP Bharat Shareधनबाद: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत गुरुवार को एमटीसी सभागार, धनबाद में सहिया साथियों, बीटीटी, एसटीएस, एसटीएलएस और टीबी हेल्थ विजिटर्स (टीबीएचवी) के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, समय पर जांच, उपचार और जनभागीदारी को…

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धनबाद: राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत गुरुवार को एमटीसी सभागार, धनबाद में सहिया साथियों, बीटीटी, एसटीएस, एसटीएलएस और टीबी हेल्थ विजिटर्स (टीबीएचवी) के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समुदाय स्तर पर टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान, समय पर जांच, उपचार और जनभागीदारी को मजबूत बनाकर टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देना था।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा और जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. रेखा कुमारी ने संयुक्त रूप से किया। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने में सहिया, क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों और सामुदायिक स्वयंसेवकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। समय पर संभावित मरीजों की पहचान और जांच से संक्रमण की श्रृंखला को प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।

प्रशिक्षण के दौरान राज्य से आए स्टेट प्रोग्राम ऑफिसर (निक्षय मित्र पहल) दीपक ठक्कर ने प्रतिभागियों को टीबी के लक्षण, जांच प्रक्रिया, उपचार, संपर्क अन्वेषण, उपचार अनुपालन और सामुदायिक सहभागिता के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की निक्षय पोषण योजना के तहत टीबी मरीजों को प्रतिमाह 1,000 रुपये की पोषण सहायता प्रदान की जाती है। इसके अलावा निक्षय मित्र पहल और पोषण पोटली के माध्यम से मरीजों को अतिरिक्त पोषण एवं सामाजिक सहयोग भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने प्रतिभागियों को टीबी मुक्त भारत ऐप के उपयोग और उसके लाभों की जानकारी दी तथा अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रतिभागियों का ऐप पर स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण भी कराया गया।

कार्यक्रम में कुल 175 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वहीं सक्रिय टीबी खोज अभियान के तहत 75 लोगों की डिजिटल चेस्ट एक्स-रे स्क्रीनिंग की गई तथा आवश्यकता अनुसार बलगम के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।

जिला कार्यक्रम समन्वयक कौशलेंद्र कुमार सिंह ने सभी स्वास्थ्य कर्मियों से अपने-अपने क्षेत्र में अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजों की पहचान करने, समय पर जांच सुनिश्चित करने और उपचाराधीन मरीजों की नियमित निगरानी करने का आह्वान किया। उन्होंने पंचायत स्तर पर जनजागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत बनाने के लिए सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ओमप्रकाश पासवान, संजय कुमार, बीरचंद्र ठाकुर, नौशाद आलम अंसारी, संजय जायसवाल, राजेश कुमार, सरिता कुमारी, राधा कुमारी, मजहर अंसारी, राजदेव महाराज, रवीश कुमार, वीरेंद्र कुमार, जयकांत कुमार, राकेश कुमार, मनोवर आलम, तनवीर आलम सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला स्वास्थ्य समिति ने लोगों से अपील की है कि यदि टीबी के लक्षण दिखाई दें तो निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में निःशुल्क जांच कराएं और टीबी मुक्त धनबाद तथा टीबी मुक्त भारत के संकल्प को सफल बनाने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।


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