रांची: झारखंड विधानसभा की एक विशेष समिति ने धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई की अनुशंसा की है। समिति का कहना है कि बलियापुर अंचल के सुरुंगा बस्ती में रैयतों की जमीन पर कथित रूप से बनाए गए ओबी (ओवरबर्डन) डंप के मामले में उसके निर्देशों के अनुरूप अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
यह मामला सुरुंगा बस्ती में एक निजी कंपनी द्वारा रैयतों की भूमि पर कथित ओबी डंपिंग से जुड़ा है। मामले की जांच के लिए करीब आठ महीने पहले विधानसभा की विशेष समिति का गठन किया गया था। समिति के संयोजक मथुरा प्रसाद महतो हैं, जबकि इसमें अरूप चटर्जी, चंद्रदेव महतो, राज सिन्हा और उमाकांत रजक सदस्य हैं।
समिति की हालिया बैठक में उपायुक्त की अनुपस्थिति पर भी आपत्ति जताई गई। उनकी जगह बैठक में अपर समाहर्ता उपस्थित हुए, लेकिन समिति के अनुसार वे अधिकृत प्रतिनिधि होने का प्राधिकार पत्र प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद समिति ने उपायुक्त के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला लाने की अनुशंसा की।
समिति का कहना है कि उसने पहले स्थल निरीक्षण के बाद जिला प्रशासन को कथित रूप से रैयतों की जमीन से ओबी डंप हटाने, खनन कार्य रोकने, भूमि की मापी कराने और म्यूटेशन सुनिश्चित करने जैसे निर्देश दिए थे, जिन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
अब समिति की अनुशंसा झारखंड विधानसभा अध्यक्ष को भेजी जाएगी। आगे विशेषाधिकार हनन की कार्यवाही शुरू करनी है या कोई अन्य कदम उठाना है, इसका निर्णय विधानसभा अध्यक्ष करेंगे।
नोट: यह समाचार विधानसभा समिति के आरोपों और अनुशंसा पर आधारित है। इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
















