धनबाद: भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) की अखिल भारतीय केंद्रीय कार्य समिति के आह्वान पर 17 अगस्त 2026 को देशभर में देशव्यापी विरोध दिवस मनाया जाएगा। इसी क्रम में धनबाद जिला मुख्यालय पर भी विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। आंदोलन को सफल बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को हीरापुर स्थित विश्वकर्मा भवन में भारतीय मजदूर संघ की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अशोक राय ने की, जबकि संचालन जिला मंत्री धर्मजीत चौधरी ने किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार के समक्ष श्रमिकों की 11 प्रमुख मांगों को लेकर देशव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। धनबाद में आयोजित प्रदर्शन में जिले के विभिन्न श्रमिक संगठन और कर्मचारी यूनियनें बड़ी संख्या में भाग लेंगी।
बैठक में बताया गया कि धनबाद कोलियरी कर्मचारी संघ, भारतीय डाक कर्मचारी संघ, ग्रामीण डाक सेवक कर्मचारी संघ, भवन निर्माण कर्मचारी संघ, आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, 108 एंबुलेंस कर्मचारी संघ, सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ, सेल इस्को कर्मचारी संघ, केंद्रीय औद्योगिक अनुसंधान श्रमिक संघ तथा भविष्य निधि कोयला कर्मचारी संघ सहित कई संगठनों के सदस्य आंदोलन में शामिल होंगे।
भारतीय मजदूर संघ ने अपनी प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह, ईएसआईसी की वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये, ईपीएस के तहत न्यूनतम 7,500 रुपये पेंशन के साथ महंगाई भत्ता एवं चिकित्सा सुविधा, ईपीएफ वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये, बोनस की गणना सीमा 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये, तथा बोनस पात्रता वेतन सीमा 21 हजार से बढ़ाकर 42 हजार रुपये करने की मांग शामिल की है।
इसके अलावा संगठन ने योजना श्रमिकों का मानदेय बढ़ाने, समान कार्य के लिए समान वेतन लागू करने, श्रम संहिताओं के श्रमिक-विरोधी प्रावधानों को हटाने, ग्रेच्युटी की सीमा 40 लाख रुपये तक बढ़ाने तथा बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने की भी मांग उठाई है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 17 अगस्त को धनबाद में आयोजित विरोध प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाया जाएगा। इसके लिए कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करते हुए विभिन्न कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
बैठक में मुरारी तांती, उमेश सिंह, ओम कुमार सिंह, मनोज कुमार, प्रह्लाद दुबे, कमल कुमार, प्रभाकर चौधरी, गणेश प्रसाद शाह, पुष्पा देवी, रीता सिंह, उषा देवी, नवनीत कुमार सिंह, सुशील कुमार सिंह, राघवेंद्र पांडे, रमेश चौबे, रविंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
















