धनबाद। आईआईटी-आईएसएम धनबाद में पूर्व में कार्यरत सुरक्षा गार्डों की विभिन्न मांगों को लेकर सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में मंगलवार को अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन किया गया। संघ ने भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित कर प्रबंधन के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्डों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का नेतृत्व संघ के महामंत्री प्रभात कुमार सिंह ने किया, जबकि अध्यक्षता गोरख राम ने की। कार्यक्रम का संचालन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के सह संगठन मंत्री कृष्ण कन्हैया ने किया।
पीके रॉय कॉलेज से रणधीर वर्मा चौक तक पैदल मार्च
भिक्षाटन कार्यक्रम की शुरुआत पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज के समीप से हुई। यहां से सुरक्षा गार्डों एवं श्रमिक प्रतिनिधियों ने पैदल मार्च निकाला। मार्च आईआईटी-आईएसएम, पुलिस लाइन होते हुए रणधीर वर्मा चौक पहुंचा।
इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की और आईआईटी-आईएसएम प्रबंधन के खिलाफ विरोध जताया।
‘सिर्फ आर्थिक सहयोग के लिए नहीं है भिक्षाटन’
सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ के महामंत्री प्रभात कुमार सिंह ने कहा कि भिक्षाटन कार्यक्रम केवल आर्थिक सहयोग जुटाने के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा गार्डों की समस्याओं और उनके अधिकारों की ओर प्रबंधन का ध्यान आकर्षित करने के लिए आयोजित किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से कार्यरत सुरक्षा गार्डों के साथ अन्याय किया गया और बड़ी संख्या में गार्डों को रोजगार से वंचित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भिक्षाटन से प्राप्त राशि को प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर आईआईटी-आईएसएम के संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा।
संघ ने आईआईटी-आईएसएम से जुड़े अधिकारियों पर सुरक्षा गार्डों से कथित अवैध वसूली के आरोप भी लगाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
श्रम मंत्रालय तक मामला ले जाने की चेतावनी
भारतीय मजदूर संघ के धनबाद जिला मंत्री धर्मजीत चौधरी ने कहा कि यदि कथित अवैध वसूली की जांच और 110 सुरक्षा गार्डों की शीघ्र पुनर्बहाली नहीं की गई तो मामले को श्रम मंत्रालय के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
संघ की प्रमुख मांगें
- सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ ने प्रदर्शन के दौरान कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से—
- 110 सुरक्षा गार्डों को बैक वेजेज सहित पुनर्बहाल करने की मांग।
- आईआईटी-आईएसएम धनबाद के सीएलआरए पंजीकरण की वैधानिकता की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई अथवा उसे रद्द करने की मांग।
- सुरक्षा गार्डों से कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई।
- गार्डों के पीएफ, ईएसआईसी, वेतन एवं अन्य श्रम कानूनों से जुड़े अधिकारों की जांच कर भुगतान सुनिश्चित करना।
- ठेका श्रमिकों के साथ श्रम कानूनों के कथित उल्लंघन एवं अन्याय पर तत्काल रोक।
- सुरक्षा गार्डों की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर उन्हें न्याय दिलाना।
कार्यक्रम को सफल बनाने में भारतीय मजदूर संघ के झारखंड प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रमेश चौबे, धनबाद जिला मंत्री धर्मजीत चौधरी, सह मंत्री नवनीत सिंह, सह संगठन मंत्री कृष्ण कन्हैया, भवन निर्माण संघ के जिला महामंत्री प्रभाकर चौधरी, संगठन मंत्री गणेश प्रसाद साव, सुरक्षा प्रहरी कर्मचारी संघ के उपाध्यक्ष मनोज साव, संगठन मंत्री तेज नारायण शर्मा, रिजु साव, सह मंत्री जितेंद्र सिंह, बजरंग शर्मा, दीपक ओझा, अमित कुमार, अरविंद मिश्रा, लालजीत भारती, शेखर कुमार, श्रवण कुमार सहित बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड एवं श्रमिक प्रतिनिधि शामिल रहे।
संघ ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। संघ के नेताओं ने कहा कि सुरक्षा गार्ड अपने अधिकारों और न्याय के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेंगे।
















