रांची: JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने रांची प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर छात्रों से किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया। मंच के नेताओं ने कहा कि करीब 26 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने उनकी कई मांगों पर सहमति जताई थी। इसके बाद आंदोलन को दो महीने के लिए स्थगित किया गया, लेकिन अब छात्रों में फिर से नाराजगी बढ़ रही है।
मंच के अनुसार, सरकार की ओर से करीब 22 परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया था। छात्रों की प्रमुख मांगों में TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करना और पूरे मामले की CBI जांच कराना शामिल था।
हाईकोर्ट में प्रभावी पैरवी नहीं करने का आरोप
रिफॉर्म मंच के नेताओं ने आरोप लगाया कि हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से मामले की गंभीरता के अनुरूप प्रभावी पैरवी नहीं की गई। मंच ने सवाल उठाया कि जब मामला लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है, तो सरकार ने अदालत में अपना पक्ष मजबूती से क्यों नहीं रखा।
मंच का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में रद्द की गई परीक्षाओं के फैसले के पक्ष में है, तो उसे अदालत में भी उसी गंभीरता के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए।
TDPL एजेंसी की भूमिका पर भी सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान TDPL एजेंसी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए। मंच ने एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। नेताओं के मुताबिक, यदि जांच में परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित परीक्षाओं को रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए।
मंच के नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार के आश्वासन के बाद छात्रों ने आंदोलन स्थगित किया था, लेकिन मौजूदा घटनाक्रम ने सरकार की मंशा और प्रतिबद्धता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दो महीने की समय-सीमा से पहले आंदोलन की चेतावनी
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं की तो दो महीने की निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।
मंच ने झारखंड के सभी 24 जिलों के छात्रों से आगामी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया है। नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री आवास के घेराव का कार्यक्रम भी किया जा सकता है। मंच का कहना है कि इस बार आंदोलन पहले की तुलना में और व्यापक हो सकता है।
छात्रों की प्रमुख मांगें
- TDPL एजेंसी से जुड़ी परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच।
- अनियमितता पाए जाने पर संबंधित परीक्षाओं को रद्द करना।
- रद्द की गई परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करना।
- पूरे मामले की CBI जांच कराना।
- हाईकोर्ट में सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करना।
फिलहाल रिफॉर्म मंच के इस ऐलान के बाद झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया को लेकर छात्रों के आंदोलन के फिर से तेज होने की संभावना बढ़ गई है।
















