धनबाद: केंदुआडीह के प्रभावित इलाकों में सुरक्षित पुनर्वास को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। राजपूत बस्ती और मुस्लिम बस्ती के करीब 170 विस्थापित परिवार बेलगड़िया टाउनशिप में शिफ्ट होने के लिए तैयार हो गए हैं। हाल के दिनों में क्षेत्र में भू-धंसान और गैस रिसाव की घटनाओं के बाद लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।
इसी मुद्दे को लेकर केंदुआडीह वीटीसी में बीसीसीएल और जेआरडीए अधिकारियों की प्रभावित परिवारों के साथ बैठक हुई। बैठक में पुनर्वास योजना और मिलने वाली सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी और पुनर्वास पैकेज से संतुष्ट होकर 170 परिवारों ने बेलगड़िया टाउनशिप में जाने पर सहमति जताई।
हर परिवार को दो क्वार्टर और ₹2.50 लाख की सहायता
पुनर्वास योजना के तहत प्रत्येक परिवार को बेलगड़िया टाउनशिप में दो क्वार्टर आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा शिफ्टिंग के दौरान आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये शिफ्टिंग भत्ता, 50 हजार रुपये किराया भत्ता और 50 हजार रुपये आजीविका सहायता के रूप में कुल 1.50 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, पुनर्वास के छह महीने पूरे होने के बाद एक लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि दी जाएगी। इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल 2.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी।
मंदिर, मस्जिद और कब्रिस्तान की भी मांग
बैठक में प्रभावित परिवारों ने बेलगड़िया टाउनशिप में सामाजिक और धार्मिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। ग्रामीणों ने मंदिर, मस्जिद और कब्रिस्तान की व्यवस्था की मांग की। अधिकारियों ने बताया कि टाउनशिप में फिलहाल एक मस्जिद मौजूद है।
ग्रामीणों की मांग को देखते हुए अतिरिक्त मंदिर, मस्जिद और कब्रिस्तान के निर्माण को लेकर जेआरडीए की ओर से सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया गया।
रैयतों का मुआवजा मुद्दा अब भी लंबित
हालांकि सभी प्रभावित लोग पुनर्वास योजना से सहमत नहीं हैं। कई रैयत अभी भी बेलगड़िया जाने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि उनकी पुश्तैनी जमीन और आजीविका से जुड़े अधिकारों को ध्यान में रखते हुए उचित मुआवजा मिलना चाहिए।
रैयत शैलेश चंद्र घोष ने कहा कि पुनर्वास नीति में रैयत और गैर-रैयत को समान रूप से देखना उचित नहीं है। रैयतों को उचित मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास मिलने पर वे भी अपने घर छोड़ने को तैयार हैं।
केंदुआडीह पहले से डेंजर जोन घोषित
पीबी एरिया के जीएम जयंत के दास ने बताया कि केंदुआडीह क्षेत्र को पहले ही डेंजर जोन घोषित किया जा चुका है। बीसीसीएल लगातार प्रभावित लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील कर रहा है।
उन्होंने बताया कि रैयतों के मुआवजे से संबंधित दावों और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल 170 परिवारों की बेलगड़िया टाउनशिप में शिफ्ट होने की सहमति को पुनर्वास प्रक्रिया में अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि रैयतों के मुआवजे का मामला अभी भी प्रमुख मुद्दा बना हुआ है।
















