धनबाद : साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी पर रोक लगाने के लिए धनबाद पुलिस ने बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस का लक्ष्य जिले की करीब 25 लाख आबादी को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों के प्रति जागरूक करना है।
पुलिस की टीमें स्कूल, कॉलेज, गांव और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फर्जी लिंक और बैंकिंग धोखाधड़ी से बचने के तरीके बता रही हैं। ग्रामीण इलाकों में अब रात्रि चौपाल के जरिए भी लोगों से सीधा संवाद किया जाएगा।
शुक्रवार को धनबाद डीएसपी विधि-व्यवस्था कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने साइबर सेफ्टी अवेयरनेस वीक और पुलिस की भावी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान को सिर्फ एक सप्ताह तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आगे भी हर सप्ताह स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
13 युवा बने संचार मित्र
गांव-गांव तक साइबर जागरूकता पहुंचाने के लिए दूरसंचार विभाग और धनबाद पुलिस ने संचार मित्र कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत IIT (ISM) धनबाद के 13 युवाओं को संचार मित्र बनाया गया है। इन्हें साइबर सुरक्षा को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
संचार मित्र लोगों को साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल, चक्षु और संचार साथी पोर्टल के इस्तेमाल की जानकारी देंगे।
फर्जी सिम नेटवर्क पर भी नजर
धनबाद पुलिस साइबर ठगी करने वालों के साथ-साथ कथित तौर पर फर्जी या अवैध दस्तावेजों के जरिए सिम उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क पर भी कार्रवाई कर रही है। पुलिस डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म और डेटा विश्लेषण की मदद से संदिग्ध दुकानों और ठिकानों की पहचान कर रही है।
धनबाद से सटे जामताड़ा, गिरिडीह और देवघर के संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस की निगरानी और जागरूकता अभियान बढ़ाया गया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन के मामले में तुरंत सतर्क रहें और साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
















