धनबाद : शहर के प्रमुख खेल मैदान गोल्फ ग्राउंड रणधीर वर्मा स्टेडियम में दोबारा मेला लगाने की तैयारी को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। मैदान को लंबे समय तक गैर-खेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किए जाने की चर्चा से खिलाड़ी, प्रशिक्षक और मॉर्निंग वॉकर नाराज हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि लगातार आयोजनों के कारण उनका अभ्यास प्रभावित होता है और मैदान की स्थिति भी खराब हो जाती है।
मामले पर धनबाद विधायक राज सिन्हा ने विरोध जताते हुए कहा कि खेल मैदानों पर खिलाड़ियों का प्राथमिक अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन के कार्यक्रम के लिए मैदान के उपयोग पर आपत्ति नहीं है, लेकिन लंबे समय तक मैदान बुक रहने से युवा खिलाड़ियों की नियमित प्रैक्टिस प्रभावित होती है। विधायक ने कहा कि यदि ऐसी व्यवस्था पर रोक नहीं लगी तो वे मामले को रांची तक ले जाएंगे। जरूरत पड़ने पर सड़क से सदन तक आंदोलन करने की चेतावनी भी दी।
मेला खत्म होने के बाद मैदान की स्थिति पर सवाल
खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के अनुसार, बड़े आयोजनों के बाद मैदान में कचरा, कांच के टुकड़े और कीलें आदि रह जाती हैं। इससे अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। वहीं, मैदान में पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं की कमी को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि धनबाद में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। ऐसे में शहर के प्रमुख मैदान को बार-बार गैर-खेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने से खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए पर्याप्त स्थान नहीं मिल पाता। उन्होंने प्रशासन से गोल्फ ग्राउंड को खेल गतिविधियों के लिए प्राथमिकता देने की मांग की है।
स्थायी मेला ग्राउंड तैयार करने की योजना
वहीं, जिला प्रशासन ने खिलाड़ियों और मेला आयोजकों दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकालने की बात कही है। उपायुक्त आदित्य रंजन के अनुसार, फिलहाल कम अवधि के लिए अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है।
प्रशासन भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए धनबाद में अलग से स्थायी मेला ग्राउंड चिन्हित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इससे गोल्फ ग्राउंड को मुख्य रूप से खेल गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने का रास्ता साफ हो सकता है।
फिलहाल गोल्फ ग्राउंड को लेकर खिलाड़ियों और प्रशासन के बीच मामला चर्चा में है। खिलाड़ियों की मांग है कि आयोजन और व्यापारिक गतिविधियों के लिए अलग व्यवस्था हो, ताकि मैदान में उनकी नियमित प्रैक्टिस प्रभावित न हो।
















