कतरास/बाघमारा: जोगता थाना क्षेत्र के सिजुआ काली मंदिर के समीप मंगलवार सुबह अचानक हुए भीषण भू-धंसान से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जमीन धंसने की घटना में करीब पांच मकान इसकी चपेट में आ गए और कई लोगों के मलबे में दबने की बात सामने आई है।
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों की मदद से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास किया गया। हादसे में करीब चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजे जाने की बात कही जा रही है।
वहीं, हादसे में गुड्डू भुइयां के 10 वर्षीय पुत्र की मौत की सूचना भी सामने आई है। हालांकि, मृतक और घायलों की संख्या समेत घटना से जुड़ी अन्य जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जांच और प्रशासनिक स्तर से होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी की गतिविधियां जारी हैं। उनका कहना है कि कथित अवैध खनन के कारण जमीन के अंदर खोखलापन बढ़ रहा है, जिसका असर सतह पर दिखाई दे रहा है। इसी वजह से इलाके में जमीन धंसने का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारण कई परिवारों के सामने घर और जान दोनों का खतरा पैदा हो गया है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों की तत्काल मदद, सुरक्षित स्थान पर व्यवस्था और पूरे क्षेत्र की जांच कराने की मांग की है।
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल अवैध खनन को लेकर उठ रहा है। स्थानीय लोग जानना चाहते हैं कि यदि इलाके में अवैध तरीके से कोयला खनन हो रहा है तो इसे रोकने की जिम्मेदारी वाली एजेंसियां अब तक क्या कार्रवाई कर रही थीं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र का विशेषज्ञों की टीम से सर्वे कराया जाए और जमीन के नीचे की स्थिति की जांच की जाए। साथ ही संवेदनशील स्थानों पर रह रहे परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं ने एक बार फिर कोयलांचल के उन इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां जमीन के नीचे खनन गतिविधियां होती रही हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस घटना के बाद अवैध खनन के आरोपों की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।
















