धनबाद: अवैध कोयला खनन और चोरी पर सख्ती के दावों के बीच झरिया-कतरास मोड़ से गोपाली चौक तक सड़क किनारे कथित रूप से कोयला जमा करने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि राजापुर से बीएनआर साइडिंग की ओर होने वाली कोयला ढुलाई के दौरान कुछ जगहों पर हाइवा से कोयला सड़क पर गिरता है, जिसे बाद में उठाकर किनारे जमा किया जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जमा किए गए कोयले को छोटे वाहनों के जरिए बोरियों में भरकर दूसरे स्थानों पर ले जाने की गतिविधियां भी कथित तौर पर देखी गई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
सड़क किनारे कोयला जमा होने से हादसे का खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर कोयले के टुकड़े गिरने से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। उनका दावा है कि कई बार राहगीरों को परेशानी और चोट का सामना करना पड़ा है।
लोगों का सवाल है कि यदि सड़क पर नियमित रूप से कोयला गिर रहा है और उसे उठाकर किनारे जमा किया जा रहा है, तो निगरानी व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं हो रही है।
CISF निगरानी को लेकर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कुछ समय पहले इलाके में CISF की निगरानी बढ़ाए जाने के बाद कथित कोयला उठाने की गतिविधियों में कमी आई थी। अब निगरानी कम होने के बाद दोबारा ऐसी गतिविधियां शुरू होने का आरोप लगाया जा रहा है।
वहीं, एक स्थानीय व्यक्ति ‘चौबे’ पर भी घर के आसपास कथित रूप से कोयला जमा करने का आरोप लगाया गया है। इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हाईलेवल बैठक के बाद जमीनी स्थिति पर सवाल
अवैध कोयला खनन और चोरी को लेकर केंद्र स्तर पर हुई उच्चस्तरीय बैठकों में प्रभावी कार्रवाई और निगरानी पर जोर दिया गया है। ऐसे में यदि झरिया-कतरास मोड़ से गोपाली चौक के बीच सड़क किनारे कोयला जमा करने और उसे अन्य स्थानों पर भेजने के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह स्थानीय स्तर की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
अब देखना होगा कि CISF, BCCL, पुलिस और संबंधित विभाग इन आरोपों की जांच कर क्या कार्रवाई करते हैं।
















