धनबाद: देश में क्रिटिकल मिनरल्स की बढ़ती जरूरत और सुरक्षित सप्लाई चेन को ध्यान में रखते हुए IIT (ISM) धनबाद ने Mining of Critical Minerals में नया एमटेक प्रोग्राम शुरू किया है। दो वर्षीय यह पाठ्यक्रम 2026-27 के मॉनसून सेशन से शुरू हुआ है और इसकी सभी 20 सीटों पर दाखिला हो चुका है।
इस प्रोग्राम की खासियत यह है कि इसे संस्थान के चार विभागों—माइनिंग इंजीनियरिंग, जियोलॉजी, कंप्यूटर साइंस और फ्यूल, मिनरल एंड मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग ने मिलकर तैयार किया है। इसका उद्देश्य छात्रों को क्रिटिकल मिनरल्स की पूरी वैल्यू चेन की बहुविषयक जानकारी देना है।
एक्सप्लोरेशन से रिसाइक्लिंग तक पढ़ाई
NEP आधारित 85 क्रेडिट वाले इस एमटेक प्रोग्राम में छात्रों को क्रिटिकल मिनरल्स की एक्सप्लोरेशन, माइनिंग, प्रोसेसिंग, कैरेक्टराइजेशन, रिसाइक्लिंग और रिसोर्स मैनेजमेंट से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की पढ़ाई कराई जाएगी।
लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे खनिजों की मांग क्लीन एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और आधुनिक तकनीकों के कारण बढ़ रही है। ऐसे में इन संसाधनों के सुरक्षित और टिकाऊ उपयोग के लिए विशेषज्ञ मानव संसाधन की जरूरत भी बढ़ रही है।
प्रोग्राम के कोऑर्डिनेटर और माइनिंग इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. राधाकांता कोनर के अनुसार, पाठ्यक्रम को क्रिटिकल मिनरल्स की पूरी वैल्यू चेन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
आधुनिक तकनीक और स्पेशलाइज्ड लैब पर जोर
पाठ्यक्रम में क्रिटिकल मिनरल्स एक्सप्लोरेशन एंड माइनिंग मेथड्स, क्रिटिकल मेटल वैल्यू चेन, रिसोर्स सिक्योरिटी एंड गवर्नेंस, प्रोजेक्ट इवैल्यूएशन और कंप्यूटर विजन टेक्निक्स जैसे विषय शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा एक्सप्लोरेशन, मिनरल प्रोसेसिंग और क्रिटिकल मिनरल कैरेक्टराइजेशन से जुड़े तीन स्पेशलाइज्ड लैब कोर्स भी रखे गए हैं। माइनिंग के दौरान वेंटिलेशन और पर्यावरण से संबंधित एक इलेक्ट्रिव कोर्स भी पाठ्यक्रम का हिस्सा है।
रोजगार के नए अवसरों पर नजर
इस प्रोग्राम से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए मिनरल एक्सप्लोरेशन और माइनिंग सेक्टर में रोजगार के अवसर बन सकते हैं। Coal India Limited (CIL), Mineral Exploration and Consultancy Limited (MECL) और Gujarat Mineral Development Corporation (GMDC) जैसे संस्थान संभावित रोजगार क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं।
IIT (ISM) धनबाद अपने माइनिंग और अर्थ साइंसेज के अनुभव को क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्र से जोड़ रहा है। संस्थान की यह पहल इस क्षेत्र के लिए विशेषज्ञ मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
















