दुमका: जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) के तहत जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर मंगलवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने विभागवार योजनाओं की स्थिति, पूर्ण हो चुके कार्यों और लंबित योजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने सभी विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि डीएमएफटी की योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित विभागों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के साथ निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा।
61 स्कूलों में बाउंड्री वॉल, 13 में अतिरिक्त कक्षा कक्ष
शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने जिले के 61 सरकारी विद्यालयों में बाउंड्री वॉल, 13 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा कक्ष और 23 विद्यालयों में शौचालय निर्माण के कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विकास होने से विद्यार्थियों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा गया।
पेयजल योजनाओं को जल्द पूरा करने का निर्देश
पेयजल व्यवस्था से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा के दौरान जलमीनार, चापाकल निर्माण सहित अन्य कार्यों की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को जल्द पूरा कर संबंधित संस्थानों को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी विशेष जोर
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सिविल सर्जन को सरैयाहाट, गोपीकांदर और शिकारीपाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए एक-एक बीएलएस एम्बुलेंस उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया।
एम्बुलेंस उपलब्ध होने से गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर बेहतर स्वास्थ्य संस्थानों तक समय पर पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पीसीसी सड़क समेत अन्य योजनाओं की भी समीक्षा
बैठक में डीएमएफटी के तहत संचालित पीसीसी पथ निर्माण सहित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्माण कार्यों में आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य आम लोगों तक बेहतर सुविधाएं पहुंचाना है। इसलिए स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
देरी करने वाले संवेदकों पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर काम पूरा नहीं करने वाले संवेदकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अधिकारी मौजूद रहे और डीएमएफटी के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति तथा आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की गई।
















