धनबाद: राजगंज के पहाड़पुर में सोमवार को आयोजित करम महोत्सव में झारखंडी संस्कृति और स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दे एक साथ नजर आए। महोत्सव में बड़ी संख्या में करमव्रतियों ने हिस्सा लिया और 1932 के खतियान के आधार पर स्थानीय नीति लागू करने की मांग को लेकर मानव श्रृंखला बनाई।
मानव श्रृंखला के जरिए स्थानीय अधिकार और झारखंडी युवाओं के लिए रोजगार में प्राथमिकता की मांग को लेकर एकजुटता का संदेश दिया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में युवतियों और महिलाओं ने पारंपरिक परिधान में हिस्सा लिया। करम गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को झारखंडी रंग दिया।
करम प्रतियोगिता में 100 से अधिक टीमों के शामिल होने की जानकारी सामने आई। प्रतिभागियों ने जावा, टुपा और करम गीतों के साथ पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान झारखंड की लोक परंपराओं और प्रकृति से जुड़े करम पर्व की सांस्कृतिक महत्ता भी सामने आई।
आयोजन के दौरान आजाद हिंद क्लब, पहाड़पुर की ओर से क्लब की वर्षगांठ के अवसर पर भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। महोत्सव में कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। इनमें गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, डुमरी विधायक जयराम महतो, सांसद प्रतिनिधि गिरधारी महतो, जिला परिषद सदस्य लाला खान, मुखिया रिंकू महतो और पंचायत समिति सदस्य अजीत महतो समेत अन्य लोग शामिल रहे।
करम पर्व को झारखंड की लोक-संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दौरान भाई-बहन के रिश्ते, प्रकृति और सामाजिक एकजुटता से जुड़े पारंपरिक रीति-रिवाज देखने को मिलते हैं।
















