रांची: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) झारखंड की संयुक्त बैठक रांची में हुई। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों से चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हुए। इस दौरान चिकित्सकों की सुरक्षा, क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में व्यवहारिक संशोधन, DACP एवं डायनेमिक ACP, जूनियर डॉक्टरों के बॉन्ड, सीनियर रेजिडेंट की समय पर सैलरी और मैटरनिटी लीव समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद IMA ने मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। आंदोलन का पहला चरण 27 सितंबर से शुरू किया गया है। इसके तहत 5 से 8 अक्टूबर तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सोशल मीडिया पर अभियान के साथ चिकित्सक काला बैज भी लगाएंगे।
9 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस, 21 को प्रदर्शन
IMA के अनुसार, 9 अक्टूबर को राज्य, जिला और मेडिकल कॉलेज स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार के सामने मांगें रखी जाएंगी। इसके बाद 10 से 20 अक्टूबर तक अलग-अलग जिलों में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। चिकित्सक समाज के लोगों और प्रबुद्ध वर्ग से संपर्क कर अपनी मांगों और आंदोलन के कारणों की जानकारी देंगे।
अगर मांगों पर सरकार की ओर से बातचीत कर समाधान नहीं निकाला जाता है, तो 21 अक्टूबर को पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और जिला मुख्यालय स्तर पर प्रस्तावित है।
22 अक्टूबर से कार्य बहिष्कार की चेतावनी
IMA ने कहा है कि इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर 22 अक्टूबर से पूरे झारखंड में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसमें सरकारी और निजी अस्पतालों के साथ मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सकों के शामिल होने की बात कही गई है।
चिकित्सकों ने सरकार से मरीजों और आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान निकालने की अपील की है। IMA के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष की ओर से भी चिकित्सकों की मांगों के समाधान के लिए समर्थन का आश्वासन दिया गया है।
















