धनबाद : जिले की छात्राओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की दिशा में कदम बढ़ाया है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन की मौजूदगी में प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन को लेकर सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश के तहत जिले के 100 सरकारी विद्यालयों में छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें 50 मध्य विद्यालयों में ताइक्वांडो और 50 उच्च विद्यालयों में कराटे का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा जिले के 16 पीएम श्री विद्यालयों में भी छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
इस पहल से करीब 12 हजार छात्राओं के लाभान्वित होने की उम्मीद है। प्रशिक्षण कार्यक्रम तीन महीने तक चलेगा। प्रत्येक महीने 12 प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे और हर सत्र दो घंटे का होगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाली छात्राओं को संबंधित प्रशिक्षण संस्था की ओर से अनुभव प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।
कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर उपायुक्त आदित्य रंजन ने संबंधित अधिकारियों और प्रशिक्षण संस्थाओं को निर्धारित समय पर प्रशिक्षण शुरू कराने और प्रभावी तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक छात्राओं को इस पहल का लाभ मिलना चाहिए।
MoU पर जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा और संबंधित प्रशिक्षण संघों के सचिवों ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान प्रभाग प्रभारी डॉ. मीतू सिन्हा, धनबाद जिला ओलंपिक संघ के प्रतिनिधि पवन कुमार बरनवाल, कराटे संघ की सचिव पेमोला देवी और ताइक्वांडो संघ के सचिव कमलेश पांडे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
















