,

Giridih: उपचुनाव से पहले गिरिडीह में सियासी हलचल तेज, झंडा मैदान से बाबूलाल मरांडी करेंगे जनसभा

JP Bharat Shareगिरिडीह : गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन इसके पहले ही क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार, 7 अक्टूबर को गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा इस कार्यक्रम के जरिए क्षेत्र में अपनी…

JP Bharat Share

गिरिडीह : गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन इसके पहले ही क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार, 7 अक्टूबर को गिरिडीह के ऐतिहासिक झंडा मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी जनसभा को संबोधित करेंगे। भाजपा इस कार्यक्रम के जरिए क्षेत्र में अपनी चुनावी सक्रियता को मजबूत करने की तैयारी में है।

गिरिडीह विधानसभा सीट तत्कालीन विधायक और नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुई है। उपचुनाव की घोषणा से पहले ही भाजपा और झामुमो दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है।

भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया जा रहा है। बाबूलाल मरांडी भी गिरिडीह विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगातार बैठकें और जनसंपर्क कर रहे हैं। गिरिडीह उनका गृह क्षेत्र होने के कारण यह उपचुनाव उनके लिए राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा भी सुदिव्य कुमार सोनू की राजनीतिक विरासत को बनाए रखने की कोशिश में जुटा है। सुदिव्य सोनू की पत्नी श्वेता शर्मा गिरिडीह और पीरटांड़ के अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों से संपर्क कर रही हैं। राजनीतिक हलकों में उनके संभावित उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा भी चल रही है, हालांकि पार्टी की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

2024 के विधानसभा चुनाव में सुदिव्य कुमार सोनू ने भाजपा प्रत्याशी को करीब 3,500 वोटों के अंतर से हराया था। इस बार चुनावी मुकाबले में जयराम महतो की पार्टी जेएलकेएम की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। गिरिडीह क्षेत्र में कुर्मी मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए जेएलकेएम के उम्मीदवार और उसके चुनावी प्रदर्शन का असर पूरे समीकरण पर पड़ सकता है।

फिलहाल सभी राजनीतिक दल चुनाव आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, उपचुनाव से पहले जिस तरह राजनीतिक गतिविधियां बढ़ी हैं, उससे गिरिडीह में चुनावी माहौल बनना शुरू हो गया है। आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की घोषणा और दलों की रणनीति सामने आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।


JP Bharat Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports