निरसा (धनबाद): दुर्गा पूजा के आगमन से ठीक पहले यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए प्रशासन ने निरसा में एक बड़ा अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। अंचल अधिकारी विक्रम आनंद और बीडीओ इंद्रलाल ओहदार के नेतृत्व में एनएच-19 और निरसा-जामताड़ा रोड के किनारे बनी अवैध दुकानों को जेसीबी की मदद से ढहा दिया गया। इस कार्रवाई से लगभग 200 फुटपाथ दुकानदार प्रभावित हुए हैं।
सुबह का अल्टीमेटम और कार्रवाई
प्रशासन द्वारा दुकानदारों को शुक्रवार सुबह ही स्वेच्छा से अपना सामान हटाने का निर्देश दिया गया था। इसके लिए दोपहर 12 बजे तक की समय सीमा तय की गई थी। चेतावनी दी गई थी कि समयावधि समाप्त होने के बाद यदि दुकानें नहीं हटाई गईं, तो प्रशासन बलपूर्वक अतिक्रमण हटाएगा। दोपहर बाद जिन लोगों ने अपने अस्थायी ढांचे नहीं हटाए थे, उन्हें ध्वस्त कर दिया गया।
रोजगार का संकट और मायूसी
त्योहारी सीजन में अच्छी कमाई की उम्मीद लगाए बैठे दुकानदारों के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि वे इस पर्व के दौरान अपनी छोटी दुकानों से होने वाली बिक्री के जरिए घर का खर्च और परिवार के जरूरी सामान खरीदने का प्रबंध करते थे, लेकिन इस अचानक हुई कार्रवाई ने उनकी उम्मीदों और आजीविका दोनों को प्रभावित किया है।
प्रशासन की दोटूक चेतावनी
निरसा के अंचल अधिकारी विक्रम आनंद ने बताया कि सभी दुकानदारों को पहले ही नोटिस जारी किया गया था। सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों के कारण आम जनता और वाहन चालकों को आए दिन भीषण जाम का सामना करना पड़ता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क की चौड़ाई और सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह कार्रवाई आवश्यक थी, और यदि दोबारा अतिक्रमण हुआ तो दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
















