धनबाद: IIT (ISM) धनबाद में क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की शुरुआत हुई। ‘CMRE 2026: स्ट्रैटेजिक एनेबलर्स ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन फॉर विकसित भारत’ विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन नीति आयोग के सदस्य प्रो. गोबर्धन दास ने किया।
संगोष्ठी में नीति आयोग, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। इसमें खनिजों की सुरक्षित आपूर्ति, स्वदेशी तकनीक, घरेलू उत्पादन क्षमता, रिसाइक्लिंग और औद्योगिक वैल्यू चेन को मजबूत बनाने पर चर्चा की जा रही है।
उद्घाटन के दौरान प्रो. गोबर्धन दास ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ्स राष्ट्रीय सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, रक्षा और आधुनिक विनिर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने भारत में खनिजों की खोज से लेकर प्रसंस्करण, रिफाइनिंग और उत्पादन तक घरेलू क्षमता विकसित करने पर जोर दिया। साथ ही नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन और रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट के घरेलू उत्पादन से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया।
तकनीकी सत्रों में विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों ने खनिज संसाधनों की सुरक्षा और रिसाइक्लिंग की संभावनाओं पर विचार रखे। चर्चा में फ्लाई ऐश, रेड मड, ई-वेस्ट और औद्योगिक अवशेषों से उपयोगी खनिजों की रिकवरी पर भी जोर दिया गया। संगोष्ठी का समापन एक नवंबर को होगा।
















