धनबाद: स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और प्रसव सुविधा शुरू नहीं होने पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने सख्त कार्रवाई की है। जिले के सात आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब तक प्रसव सेवा शुरू नहीं होने और एक भी डिलीवरी दर्ज नहीं होने पर संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों (MOIC) और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का वेतन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश दिया गया है।
समीक्षा में नेपनिया, बागसुमा, खरकाबाद, मुराडीह, रूपन, रामपुर और खरमो स्थित स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसव सेवा शुरू नहीं होने की जानकारी सामने आई। उपायुक्त ने इन केंद्रों में जल्द सेवा शुरू करने और कम से कम पांच सफल प्रसव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद ही वेतन निकासी पर विचार किया जाएगा।
वहीं, उपायुक्त ने DMFT, CSR और अनटाइड फंड से संचालित विकास योजनाओं की भी समीक्षा की। धीमी प्रगति वाली योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया गया।
योजनाओं की निगरानी के लिए विशेष निरीक्षण टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें निर्माण स्थलों का भौतिक सत्यापन कर कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की रिपोर्ट सौंपेंगी।
















