झरिया : Jharia क्षेत्र के घनुवाडीह मोहरीबांध और कुम्हार पट्टी में रहने वाले लोग आज भी मौत के साए में जिंदगी जीने को मजबूर हैं। यहां करीब 180 परिवार ऐसे इलाके में रह रहे हैं, जहां जमीन के नीचे लगातार आग धधक रही है और जहरीली गैस का रिसाव हो रहा है।
भीषण गर्मी के बीच जमीन से उठती तपिश और धुआं हालात को और भयावह बना रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्ष 2017 में सर्वे होने के बावजूद अब तक सभी प्रभावित परिवारों का पुनर्वास नहीं किया गया। कुछ परिवारों को बेलगढ़िया में बसाया गया, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अब भी खतरे के बीच रहने को मजबूर हैं।
भूमिगत आग के कारण घरों में दरारें पड़ रही हैं और जमीन धंसने का खतरा लगातार बना हुआ है। वहीं गैस रिसाव से लोगों को सांस लेने में परेशानी, चक्कर, उल्टी और घबराहट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बताई जा रही है।
स्थानीय निवासी संजय कुमार महतो का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने Bharat Coking Coal Limited और Jharia Rehabilitation and Development Authority पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गई, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
















