धनबाद के पूर्वी टुंडी स्थित ऐतिहासिक रघुनाथपुर गढ़ की ज़मीन विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। अब तक दो पक्षों के बीच चल रहे इस विवाद में आज तीसरे पक्ष की एंट्री ने पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया है। महापंचायत के दौरान खुद को राज परिवार का वारिस बताने वाले लोगों ने 800 एकड़ ज़मीन पर दावा पेश कर दिया है। उनका कहना है कि अब इस विवाद का समाधान सड़क पर नहीं, बल्कि अदालत में होगा।
पूर्वी टुंडी के रघुनाथपुर गढ़ की जमीन बीते कई दिनों से विवाद का केंद्र बनी हुई है। इसी बीच आयोजित महापंचायत में अचानक एक नया पक्ष सामने आया, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया।
खुद को रियासत का असली वारिस बताने वाली पत्रलेखा बनर्जी ने अपने परिवार के साथ पहुंचकर दावा किया कि यह पूरी जमीन उनके पूर्वजों की है। उन्होंने कहा कि पूर्व शासक रायबहादुर हरि प्रसाद बंदोपाध्याय के परिवार से जुड़ी यह संपत्ति वसीयत के जरिए उनके परिवार को मिली है।
बताया जा रहा है कि करीब 800 एकड़ में फैली इस जमीन की स्थिति काफी जटिल है। कुछ हिस्सों पर अलग-अलग समुदायों का वर्षों से कब्जा है, जबकि कई हिस्से अलग-अलग नामों से दर्ज हैं।
पत्रलेखा बनर्जी ने दावा किया कि उनके पास जमीन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं और वे जल्द ही इन्हें अदालत में पेश करेंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक जमीन पर किसी भी तरह का निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए।
अब इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही आगे की तस्वीर साफ होगी।
















