धनबाद: जिले में पुलिसिंग को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पुलिस मुख्यालय ने धनबाद पुलिस को 45 नई हाईटेक पेट्रोलिंग बाइक उपलब्ध कराई हैं। बुधवार को पुलिस लाइन में आयोजित समारोह में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन एवं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने फीता काटकर तथा स्वयं बाइक चलाकर इनका शुभारंभ किया।
इस मौके पर उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि नई पेट्रोलिंग बाइक मिलने से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस की उपस्थिति और मजबूत होगी। खासकर बाजार, भीड़भाड़ वाले इलाके, संवेदनशील क्षेत्र और ग्रामीण इलाकों में गश्त तेज होगी, जिससे अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस बल को नए संसाधनों और आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है।
उपायुक्त ने बताया कि पुलिस कंट्रोल रूम को भी आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। आने वाले समय में संचार व्यवस्था, निगरानी तंत्र और अन्य आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा ताकि आम लोगों को बेहतर पुलिस सेवा मिल सके।
वहीं एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि नई हाईटेक बाइक जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में भेजी गई हैं और इनका उपयोग 24 घंटे गश्ती एवं त्वरित कार्रवाई के लिए किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डायल 112 सेवा के रेस्पॉन्स टाइम के मामले में धनबाद पुलिस पूरे झारखंड में बेहतर प्रदर्शन कर रही है और नई बाइक मिलने से प्रतिक्रिया क्षमता और मजबूत होगी।
एसएसपी ने जानकारी दी कि सभी बाइक आधुनिक जीपीएस सिस्टम, ब्लिंकर, सायरन और वायरलेस सेट जैसी सुविधाओं से लैस हैं। इसके माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम गश्ती टीमों की लगातार निगरानी कर सकेगा, जिससे पुलिसिंग और अधिक प्रभावी बनेगी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी धनबाद पुलिस को 70 नई पेट्रोलिंग बाइक, 50 सिटी हॉक्स बाइक और 40 बोलेरो वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों में उत्साह का माहौल देखा गया।
इस अवसर पर ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब, डीएसपी विधि-व्यवस्था नौशाद आलम, डीएसपी मुख्यालय धीरेन्द्र नारायण बंका, डीएसपी सीसीआर सुमित कुमार, डीएसपी शंकर कामती, सार्जेंट मेजर विनोद कुजूर, सार्जेंट लक्ष्मण मेहता सहित कई पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद रहे।
















