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जीएनएम +2 हाई स्कूल भवन में अनियमितताओं पर उठे सवाल, निरीक्षण के बावजूद नहीं हुई सख्ती

JP Bharat Shareकतरास: जीएनएम +2 हाई स्कूल, कतरास के नवनिर्मित भवन में दरार और निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के बाघमारा विधायक प्रतिनिधि एवं छात्र नेता चितरंजन कुमार सिंह लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर…

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कतरास: जीएनएम +2 हाई स्कूल, कतरास के नवनिर्मित भवन में दरार और निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के बाघमारा विधायक प्रतिनिधि एवं छात्र नेता चितरंजन कुमार सिंह लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

इसी क्रम में बुधवार को डीडीसी और बीडीओ स्कूल पहुंचे। बताया गया कि अधिकारी रूटीन चेकअप के लिए आए थे, लेकिन इस दौरान भवन की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि निरीक्षण के बावजूद निर्माण कार्य में दिखाई दे रही गंभीर खामियों पर कोई सख्त रुख नहीं अपनाया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, भवन की दीवारों में दरारें साफ दिखाई दे रही हैं। इसके अलावा छत पर जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने, पानी रिसाव और पिलरों में छेद जैसी तकनीकी खामियां भी सामने आई हैं। आरोप है कि इसके बावजूद निर्माण कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई या सख्त टिप्पणी नहीं की गई।

वहीं छात्र नेता चितरंजन कुमार सिंह और मौके पर मौजूद मीडिया कर्मियों को भी पूरे मामले में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। लोगों का कहना है कि जांच और निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह गया है।

स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया और मानकों की अनदेखी की गई। यही वजह है कि भवन तैयार होने के कुछ समय बाद ही कई तकनीकी समस्याएं सामने आने लगी हैं।

लोगों का यह भी आरोप है कि संबंधित ठेकेदार खुलेआम यह दावा करता फिर रहा है कि “मेरा टेंडर पास हो ही जाएगा, कोई कुछ नहीं कर सकता।” इस तरह की चर्चाओं ने पूरे निर्माण कार्य की पारदर्शिता और प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

छात्र नेता चितरंजन कुमार सिंह ने कहा कि जिस भवन में भविष्य में सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ाई करेंगे, वहां इस प्रकार की लापरवाही बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में भारी अनियमितता हुई है और जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने मांग की कि पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में अनियमितता सामने आती है तो दोषी ठेकेदार, इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।


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