पूर्वी टुंडी: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तत्वावधान में तथा झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण रांची एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धनबाद के निर्देशानुसार पूर्वी टुंडी प्रखंड के रूपन पंचायत अंतर्गत पिपराटांड़ गांव में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ’90 दिवस पहुंच कार्यक्रम’ के तहत आयोजित किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और विधिक जागरूकता को लेकर ग्रामीणों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत डालसा के पीएलवी ओमप्रकाश दास एवं अन्य सदस्यों द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर फलदार पौधों का रोपण कर की गई। इस दौरान उपस्थित लोगों को पर्यावरण को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित बनाए रखने का संकल्प दिलाया गया। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए।
शिविर में प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्प्रभावों पर भी चर्चा की गई। ग्रामीणों से एकल-उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल बंद करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की गई।
विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को झालसा और डालसा द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें पीड़ित मुआवजा योजना, संवाद योजना, जागृति योजना, डॉन योजना, आशा योजना और वीर परिवार योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभों से अवगत कराया गया।
ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें सरकारी खर्च पर अधिवक्ता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया समझाई गई। साथ ही लोक अदालत और नेशनल लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझौते के आधार पर मामलों के त्वरित और सरल निपटारे की जानकारी भी दी गई।
शिविर में कानूनी सहायता के लिए जारी टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी भी साझा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि वे इस नंबर पर कॉल कर घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि इस तरह के जागरूकता शिविरों का उद्देश्य सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
इस अवसर पर पीएलवी प्रदीप गोराई, बिक्रम मोदी, रेबोती मरांडी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित थे।
















