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चापापुर-2 कोलियरी में ब्लास्टिंग के दौरान घरों पर गिरे पत्थर, बाल-बाल बचे ग्रामीण

JP Bharat Shareनिरसा: ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुगमा क्षेत्र अंतर्गत चापापुर-2 कोलियरी के आउटसोर्सिंग क्षेत्र में शुक्रवार को हैवी ब्लास्टिंग के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ब्लास्टिंग से निकले बड़े-बड़े पत्थर आसपास के ग्रामीणों के घरों और आंगनों में जा गिरे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय कई लोग अपने घरों…

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निरसा: ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के मुगमा क्षेत्र अंतर्गत चापापुर-2 कोलियरी के आउटसोर्सिंग क्षेत्र में शुक्रवार को हैवी ब्लास्टिंग के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। ब्लास्टिंग से निकले बड़े-बड़े पत्थर आसपास के ग्रामीणों के घरों और आंगनों में जा गिरे, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय कई लोग अपने घरों में मौजूद थे, लेकिन संयोगवश कोई हताहत नहीं हुआ।

जानकारी के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे आउटसोर्सिंग प्रबंधन की ओर से खदान में हैवी ब्लास्टिंग कराई जा रही थी। इसी दौरान विस्फोट के कारण बड़े आकार के पत्थर उड़कर आसपास के रिहायशी क्षेत्रों में जा गिरे। दोपहर का समय होने के कारण कई लोग अपने घरों में भोजन कर रहे थे, कुछ आराम कर रहे थे तो कुछ दैनिक कार्यों में व्यस्त थे।

ग्रामीण परमात्मा यादव ने बताया कि घटना के समय वह अपने घर के आंगन में स्नान कर रहे थे। तभी एक बड़ा पत्थर तेज गति से उड़ता हुआ उनके बिल्कुल पास आकर गिरा। उन्होंने कहा कि यदि पत्थर उनके ऊपर गिर जाता तो गंभीर हादसा हो सकता था। वहीं एक महिला ग्रामीण ने बताया कि उनका बच्चा आंगन में खेल रहा था और उसके मुंह से करीब एक फीट की दूरी पर एक बड़ा पत्थर गिरा। गनीमत रही कि बच्चा सुरक्षित बच गया।

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों ने आउटसोर्सिंग प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए खनन कार्य को बंद करा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे आसपास के लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।

मामले की जानकारी मिलने पर चापापुर कोलियरी के प्रबंधक अजय कुमार झा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से वार्ता की। प्रारंभिक जांच के बाद प्रबंधन ने ओवरमैन पद पर कार्यरत प्रकाश कुमार को घटना के लिए जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ वार्निंग नोटिस जारी किया। साथ ही उन्हें पूरे घटनाक्रम का लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया।

प्रबंधन द्वारा कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने और वार्निंग नोटिस जारी होने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना विरोध समाप्त कर दिया और आउटसोर्सिंग क्षेत्र में बंद पड़े खनन कार्य को पुनः शुरू करा दिया गया।

हालांकि ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने तथा ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं प्रबंधन की ओर से मामले की जांच जारी है।


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