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पलानी पैक्स में 30 एमटी क्षमता का शीत गृह वर्षों से बंद, रख-रखाव के अभाव में बढ़ रही जर्जर होने की आशंका

JP Bharat Shareधनबाद: बलियापुर प्रखंड के करमाटांड़ पंचायत स्थित पलानी पैक्स लिमिटेड में किसानों की सुविधा के लिए निर्मित 30 मीट्रिक टन क्षमता वाला कोल्ड स्टोरेज आज भी उपयोग की बाट जोह रहा है। किसानों को फसलों के सुरक्षित भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस शीत गृह का अब तक…

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धनबाद: बलियापुर प्रखंड के करमाटांड़ पंचायत स्थित पलानी पैक्स लिमिटेड में किसानों की सुविधा के लिए निर्मित 30 मीट्रिक टन क्षमता वाला कोल्ड स्टोरेज आज भी उपयोग की बाट जोह रहा है। किसानों को फसलों के सुरक्षित भंडारण की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए गए इस शीत गृह का अब तक संचालन शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान स्थिति यह है कि भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ है और पूरा परिसर वीरान पड़ा है।

जानकारी के अनुसार इस कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किसानों को उनकी उपज, विशेषकर हरी सब्जियों और आलू जैसी फसलों को सुरक्षित रखने की सुविधा देने के लिए किया गया था। इसका उद्देश्य किसानों को फसल खराब होने से बचाना और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद करना था। लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद भी यह परियोजना धरातल पर किसानों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो सकी।

स्थानीय किसानों और ग्रामीणों का कहना है कि जब कोल्ड स्टोरेज का निर्माण शुरू हुआ था, तब उन्हें उम्मीद थी कि अब उनकी उपज को सुरक्षित रखने की व्यवस्था हो जाएगी। इससे फसल खराब होने की समस्या कम होगी और मजबूरी में कम कीमत पर उपज बेचने की नौबत नहीं आएगी। लेकिन आज तक इस सुविधा का लाभ किसी भी किसान को नहीं मिल पाया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद संबंधित विभाग और प्रबंधन की ओर से इसकी देखरेख और संचालन को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई। वर्षों से बंद पड़े इस भवन में न तो कोई कर्मचारी दिखाई देता है और न ही किसी प्रकार की गतिविधि संचालित हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी धन से निर्मित यह महत्वपूर्ण परियोजना अब सफेद हाथी बनकर रह गई है। रख-रखाव के अभाव में भवन और उपकरणों के खराब होने की आशंका भी बढ़ती जा रही है। यदि समय रहते इसका संचालन शुरू नहीं किया गया तो करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किया गया यह बुनियादी ढांचा पूरी तरह बेकार साबित हो सकता है।

ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि कोल्ड स्टोरेज को जल्द से जल्द चालू कराया जाए ताकि किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।


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