टुंडी (धनबाद): झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) कार्यक्रम को सफल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में टुंडी प्रखंड कार्यालय में जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसीएलआर दिलीप महतो की अध्यक्षता में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सहायक निर्वाचन पदाधिकारी सह बीडीओ विशाल कुमार पांडेय भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस दौरान टुंडी प्रखंड के विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रखंड स्तरीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया और मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डीसीएलआर दिलीप महतो ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र का कोई भी पात्र नागरिक मतदाता बनने से वंचित न रह जाए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे प्रखंड एवं बूथ स्तर पर अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को नामित करें, ताकि बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) को इस कार्य में सहयोग मिल सके और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं त्रुटिहीन बन सके।
उन्होंने मतदाता सूची में नाम जोड़ने और मैपिंग प्रक्रिया को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी। डीसीएलआर ने बताया कि जिन लोगों की मैपिंग अब तक नहीं हो पाई है, वे निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर अपनी मैपिंग करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का स्वयं का अथवा उसके माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है, तो वह दस्तावेज मान्य होगा। इसके अलावा मान्यता प्राप्त बोर्ड द्वारा जारी प्रमाण पत्र, खतियान के आधार पर निर्गत जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र तथा निर्वाचन विभाग द्वारा निर्धारित अन्य 11 वैकल्पिक दस्तावेजों के माध्यम से भी मैपिंग की जा सकती है।
बैठक में मौजूद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और पात्र नागरिकों तक जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक योग्य नागरिक को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ना है।
बैठक के अंत में निर्वाचन कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन और राजनीतिक दलों के बीच समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई।
















