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धनबाद-गया रेलखंड पर दौड़ी ‘कवच’ सुरक्षा, ट्रेन संचालन होगा और सुरक्षित

JP Bharat Shareधनबाद: भारतीय रेलवे देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल हावड़ा-नई दिल्ली रूट पर ट्रेन संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में धनबाद-गया रेलखंड के सरमाटांड़ से निमियाघाट तक 76 किलोमीटर लंबे सेक्शन में स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली “कवच 4.0” को…

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धनबाद: भारतीय रेलवे देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में शामिल हावड़ा-नई दिल्ली रूट पर ट्रेन संचालन को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में धनबाद-गया रेलखंड के सरमाटांड़ से निमियाघाट तक 76 किलोमीटर लंबे सेक्शन में स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली “कवच 4.0” को सफलतापूर्वक लागू कर दिया गया है। इसके साथ ही इस रेलखंड में ट्रेनें अब अत्याधुनिक सुरक्षा कवच के दायरे में संचालित होने लगी हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार कवच परियोजना के अगले चरण में निमियाघाट से प्रधानखंता तक इस प्रणाली का विस्तार किया जाएगा। सितंबर 2026 तक निमियाघाट से तेतुलमारी तथा अक्टूबर 2026 तक तेतुलमारी से धनबाद होते हुए प्रधानखंता तक कवच प्रणाली स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क के तीन महत्वपूर्ण सेक्शनों में कुल 163 रूट किलोमीटर पर कवच वर्जन 4.0 को चालू किया है। इनमें धनबाद मंडल का सरमाटांड़-निमियाघाट 76 किलोमीटर सेक्शन, डीडीयू मंडल का फ्लाईओवर केबिन-भभुआ रोड 43 किलोमीटर तथा सासाराम-फेसर 44 किलोमीटर सेक्शन शामिल हैं।

कवच 4.0 भारतीय रेलवे द्वारा विकसित एक अत्याधुनिक स्वदेशी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम है। यह सिग्नल पासिंग एट डेंजर (SPAD) जैसी परिस्थितियों में स्वतः सुरक्षा प्रदान करता है और संभावित रेल दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह प्रणाली आमने-सामने, पीछे से और साइड से होने वाली ट्रेन टक्करों को रोकने में सक्षम है।

इसके अलावा कवच लगातार ट्रेनों की गति की निगरानी करता है और निर्धारित सीमा से अधिक गति होने पर स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना की संभावना को कम करता है। माइक्रोप्रोसेसर, जीपीएस और रेडियो संचार तकनीक पर आधारित यह प्रणाली कोहरे, कम दृश्यता और प्रतिकूल मौसम की परिस्थितियों में भी सुरक्षित ट्रेन संचालन सुनिश्चित करती है।

कवच प्रणाली लोको पायलट को गलत दिशा में ट्रेन चलने, रिवर्स मूवमेंट और लेवल क्रॉसिंग गेट की स्थिति जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को लेकर स्वतः अलर्ट भी देती है। इससे ट्रेन संचालन में सुरक्षा और दक्षता दोनों में वृद्धि होती है।

धनबाद रेल मंडल के अखिलेश मिश्रा ने बताया कि कवच वर्जन 4.0 भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली का सबसे उन्नत संस्करण है। इसे परिचालन अनुभव और स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर लगातार तकनीकी रूप से विकसित किया गया है। आरडीएसओ द्वारा अनुमोदित यह प्रणाली भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।


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