धनबाद, : झरिया मास्टर प्लान 2.0 के तहत अग्नि एवं भू-धंसान प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के पुनर्वास कार्य में तेजी लाई गई है। जिला प्रशासन और बीसीसीएल के संयुक्त प्रयास से प्रभावित परिवारों को बेलगढ़िया पुनर्वास कॉलोनी में स्थानांतरित किया जा रहा है। पुनर्वासित परिवारों को बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बेलगढ़िया पुनर्वास कॉलोनी में शिफ्ट किए जा रहे प्रत्येक परिवार को दो आवासीय क्वार्टर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि पुनर्वास के बाद किसी भी परिवार को बुनियादी सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े। इसके लिए रोजगार, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हाल ही में कुछ पुनर्वासित परिवारों ने आवासीय क्वार्टरों के क्षतिग्रस्त फर्श को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पाया गया कि कई क्वार्टर पिछले चार वर्षों से खाली पड़े होने के कारण उनके फर्श खराब हो गए थे। शिकायत मिलते ही उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों ने स्थल निरीक्षण किया और मात्र 24 घंटे के भीतर क्षतिग्रस्त फर्श की मरम्मत का कार्य पूरा करा दिया।
प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से पुनर्वासित परिवारों में संतोष और विश्वास का माहौल बना है। अधिकारियों का कहना है कि बेलगढ़िया कॉलोनी में स्थापित सहायता एवं समन्वय कार्यालय के माध्यम से लोगों की शिकायतें प्राप्त की जा रही हैं और उनका शीघ्र समाधान किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि यदि किसी विस्थापित परिवार को पेयजल, बिजली, आवास, स्वच्छता या अन्य किसी सुविधा से संबंधित समस्या होती है, तो वे सीधे सहायता केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। सभी शिकायतों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जा रही है ताकि लोगों को सुरक्षित, सम्मानजनक और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
झरिया मास्टर प्लान 2.0 के तहत चल रहा यह पुनर्वास अभियान न केवल प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध करा रहा है, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन और भविष्य की नई उम्मीद भी दे रहा है। जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि पुनर्वास प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो।
















