धनबाद/निरसा: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातल्ला इलाके में निर्माणाधीन तीन मंजिला वेयरहाउस का ढांचा गिरने से धनबाद जिले के निरसा प्रखंड के सालुकचापरा गांव निवासी 45 वर्षीय मजदूर गणेश कालिंदी की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे की खबर गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, गणेश कालिंदी करीब एक महीने पहले अपने पांच साथियों के साथ मजदूरी करने कोलकाता गए थे। वे तारातल्ला स्थित ट्रांसपोर्ट डिपो रोड के पास निर्माणाधीन वेयरहाउस में मजदूर के रूप में कार्यरत थे। बुधवार दोपहर काम के दौरान उनके चार साथी किसी आवश्यक कार्य से बाहर चले गए, जबकि गणेश निर्माण स्थल पर ही काम करते रहे। इसी दौरान अचानक भवन का एक हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा और वे मलबे के नीचे दब गए।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और बचाव दल की मदद से उन्हें मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही उनके साथ काम कर रहे साथियों ने परिजनों को जानकारी दी। खबर मिलते ही सालुकचापरा गांव में मातम छा गया।
परिजनों ने बताया कि गणेश कालिंदी के जीवन में पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका था। उनकी पहली पत्नी का करीब आठ वर्ष पहले निधन हो गया था, जिससे उनकी एक बेटी है जिसकी शादी हो चुकी है। दूसरी पत्नी से उनका छह वर्षीय बेटा और चार वर्षीय बेटी है। परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य होने के कारण उनकी मौत से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि गणेश कालिंदी बेहद मिलनसार, मेहनती और मृदुभाषी व्यक्ति थे। वे परिवार के बेहतर भविष्य के लिए रोजी-रोटी कमाने कोलकाता गए थे, लेकिन यह हादसा पूरे परिवार की खुशियां छीन ले गया। गांव में शोक का माहौल है और लोग शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
ग्रामीणों ने राज्य सरकार और प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, बच्चों की शिक्षा और परिवार के भरण-पोषण के लिए सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, कोलकाता में हुए इस हादसे की जांच जारी है और प्रशासन निर्माणाधीन भवन गिरने के कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है।
















