,

बीसीसीएल के स्कूलों में IIT (ISM) की STEM पहल, प्रयोगों से विज्ञान सीख रहे छात्र

JP Bharat Shareधनबाद:भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रभावित (पीएपी) एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित) शिक्षा पहल शुरू की है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोगों, डिजिटल टूल्स, गतिविधि आधारित शिक्षण…

JP Bharat Share

धनबाद:भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-आईएसएम) धनबाद ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) के कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत परियोजना प्रभावित (पीएपी) एवं वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए STEM (विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग एवं गणित) शिक्षा पहल शुरू की है। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रयोगों, डिजिटल टूल्स, गतिविधि आधारित शिक्षण और तार्किक सोच के जरिए विज्ञान को सरल एवं रोचक ढंग से सिखाया जा रहा है।

फिलहाल यह कार्यक्रम हाई स्कूल भूलीनगर, डीपीएलएमए प्लस-टू हाई स्कूल नावागढ़ तथा केजीबीवी झरिया में कक्षा 9 और 10 के विद्यार्थियों के लिए संचालित किया जा रहा है। आईआईटी (आईएसएम) के मैनेजमेंट स्टडीज एंड इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा संचालित इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रो. रश्मि सिंह (प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर) और प्रो. नीलाद्रि दास (प्रोग्राम को-कोऑर्डिनेटर) कर रहे हैं।

कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईटी (आईएसएम) के विशेषज्ञ नियमित रूप से विद्यालयों का दौरा कर इंटरैक्टिव कक्षाओं, वैज्ञानिक प्रयोगों, डिजिटल शिक्षण सामग्री और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान एवं गणित की जटिल अवधारणाएं सरल तरीके से समझा रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक एवं वैज्ञानिक सोच विकसित करना, रचनात्मकता को बढ़ावा देना तथा समस्या समाधान की क्षमता विकसित करना है।

हाई स्कूल भूलीनगर की प्राचार्या अर्चना कुमारी ने कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति से बच्चों में विज्ञान के प्रति उत्साह बढ़ा है और वे विषयों को पहले की तुलना में बेहतर ढंग से समझ रहे हैं।

डीपीएलएमए प्लस-टू हाई स्कूल, नावागढ़ के प्राचार्य प्रेम रंजन ने कहा कि इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उच्च शिक्षा के प्रति भी नई प्रेरणा जगाई है।

केजीबीवी, झरिया की प्राचार्या सुनीता शॉ ने बताया कि इस पहल से विद्यार्थियों को सीखने का नया अनुभव मिल रहा है, जिससे उनका आत्मविश्वास लगातार बढ़ रहा है।

शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि नियमित STEM कक्षाओं के माध्यम से विज्ञान और गणित जैसे विषय अब अधिक रोचक और समझने में आसान हो गए हैं। आईआईटी (आईएसएम) की यह पहल निर्धारित अवधि तक जारी रहेगी, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक शिक्षा का लाभ मिलता रहेगा।


JP Bharat Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports