धनबाद: धनबाद में ई-रिक्शा चालकों ने आरोप लगाया है कि कुछ मामलों में उनके वाहन चलते-चलते अचानक बंद हो जा रहे हैं। चालकों का दावा है कि इससे यात्रियों को परेशानी, सड़क पर जाम और दुर्घटना का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने इस मामले की तकनीकी जांच कराने और ई-रिक्शों की साइबर सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है।
चालकों का कहना है कि कुछ मोबाइल ऐप्स के माध्यम से ई-रिक्शों की लिथियम बैटरी के बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) तक पहुंच बनाकर वाहनों को कथित रूप से प्रभावित किया जा रहा है। उनके अनुसार, इससे वाहन बीच सड़क पर रुक जाते हैं, जिससे समय और आय दोनों का नुकसान होता है।
हालांकि, जिन मोबाइल ऐप्स का उल्लेख किया जा रहा है, वे मूल रूप से बैटरी की स्थिति, चार्जिंग, वोल्टेज और अन्य तकनीकी जानकारी की निगरानी एवं प्रबंधन के लिए विकसित किए गए हैं। फिलहाल इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि इन ऐप्स का दुरुपयोग कर वास्तव में ई-रिक्शों को बंद किया जा रहा है।
ई-रिक्शा चालकों ने सरकार, संबंधित कंपनियों और प्रशासन से पूरे मामले की तकनीकी जांच कराने तथा यदि किसी प्रकार की सुरक्षा खामी या दुरुपयोग सामने आता है तो उसे तत्काल दूर करने की मांग की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग के साथ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और अन्य डिजिटल प्रणालियों की साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाना आवश्यक है। साथ ही, इस मामले में वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच महत्वपूर्ण होगी।
नोट: ई-रिक्शा चालकों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। मामले की तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
















