,

बी.एड. एवं डी.एल.एड. विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और शुल्क राहत की मांग तेज, डीईओ और बीबीएमकेयू कुलपति ने दिया सकारात्मक आश्वासन

JP Bharat Shareधनबाद: बी.एड. एवं डी.एल.एड. जैसे शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति तथा शुल्क में राहत दिलाने की मांग को लेकर बाघमारा विधायक प्रतिनिधि एवं छात्र नेता चित्तरंजन कुमार सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अभिषेक झा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि महंगी…

JP Bharat Share

धनबाद: बी.एड. एवं डी.एल.एड. जैसे शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति तथा शुल्क में राहत दिलाने की मांग को लेकर बाघमारा विधायक प्रतिनिधि एवं छात्र नेता चित्तरंजन कुमार सिंह ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अभिषेक झा से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि महंगी फीस के कारण कई प्रतिभाशाली छात्र-छात्राएं शिक्षक बनने का सपना पूरा नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए सरकार को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

चित्तरंजन कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में बी.एड. एवं डी.एल.एड. पाठ्यक्रमों की फीस लगभग डेढ़ लाख रुपये या उससे अधिक है। ऐसे में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के साथ-साथ कई अन्य जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए यह राशि जुटाना बेहद कठिन हो जाता है। आर्थिक तंगी के कारण अनेक छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है या शिक्षक प्रशिक्षण से वंचित रहना पड़ता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फीस में रियायत या विशेष आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि कोई भी छात्र केवल आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा ने इसे विद्यार्थियों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने कहा कि छात्र नेता चित्तरंजन कुमार सिंह द्वारा उठाया गया यह मुद्दा सराहनीय है और यह शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक पहल है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस विषय पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा उनके स्तर से जो भी संभव सहयोग होगा, वह उपलब्ध कराया जाएगा।

इसी क्रम में चित्तरंजन कुमार सिंह ने बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के कुलपति डॉ. राम कुमार सिंह से भी दूरभाष पर बातचीत की। कुलपति ने भी इस मांग को विद्यार्थियों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय स्तर पर इस पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा और आवश्यक पहल की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।

इस पहल से जिले सहित विश्वविद्यालय से जुड़े बी.एड. एवं डी.एल.एड. के हजारों विद्यार्थियों में नई उम्मीद जगी है। छात्रों का मानना है कि यदि छात्रवृत्ति या शुल्क में राहत की व्यवस्था लागू होती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना आर्थिक बोझ के शिक्षक बनने का सपना साकार कर सकेंगे।


JP Bharat Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports