, ,

katras कतरास में फिर धंसी जमीन, दहशत में लोग; सांसद ढुलू महतो ने किया प्रभावित क्षेत्र का दौरा

JP Bharat Shareकतरास (जितेन्द्र जीतु) : बाघमारा अनुमंडल के कतरास स्थित छाताबाद फुटबॉल मैदान के समीप एक बार फिर भू-धंसान की घटना सामने आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बुधवार रात हुए इस भू-धंसान के बाद कई घरों में दरारें पड़ गईं, जिससे लोग भयभीत होकर अपने परिवार और सामान के साथ…

JP Bharat Share

कतरास (जितेन्द्र जीतु) : बाघमारा अनुमंडल के कतरास स्थित छाताबाद फुटबॉल मैदान के समीप एक बार फिर भू-धंसान की घटना सामने आने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बुधवार रात हुए इस भू-धंसान के बाद कई घरों में दरारें पड़ गईं, जिससे लोग भयभीत होकर अपने परिवार और सामान के साथ सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से स्थानीय लोगों में भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।

घटना के बाद भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की ओर से प्रभावित क्षेत्र में डोजरिंग कर मिट्टी और ओवरबर्डन (OB) डालकर भराई का कार्य शुरू किया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है और स्थायी पुनर्वास के बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है।

गुरुवार को धनबाद के सांसद ढुलू महतो ने पार्षद मोहम्मद शाहबुद्दीन एवं स्थानीय ग्रामीणों के साथ भू-धंसान प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और पूरे इलाके का निरीक्षण किया। सांसद ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थान पर बसाया जाना चाहिए।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने BCCL के चेयरमैन से दूरभाष पर बातचीत कर भू-धंसान की गंभीर स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने स्थानीय महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि प्रभावित 10 से 12 परिवारों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराते हुए शीघ्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी उपाय किए जाने चाहिए।

गौरतलब है कि सोमवार सुबह भी इसी क्षेत्र में पहली बार भू-धंसान की घटना हुई थी। उस समय आक्रोशित ग्रामीणों ने लगभग 12 घंटे तक छाताबाद पुल पर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बावजूद बुधवार रात फिर से मोहम्मद कलाम और कौशर के घरों में लगभग छह इंच चौड़ी दरारें पड़ गईं। इसके बाद कई परिवारों ने अपने घर खाली कर दिए। वहीं मोहम्मद मुर्तजा, अकबर समेत अन्य प्रभावित परिवार भी सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी पुनर्वास और भू-धंसान की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे। फिलहाल BCCL की ओर से प्रभावित क्षेत्र में भराई का कार्य जारी है, जबकि प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।


JP Bharat Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports