धनबाद : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) अभियान में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए धनबाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) लोकेश बारंगे ने गुरुवार को वासेपुर क्षेत्र में संचालित दो साइबर कैफे का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान ‘गल्फ जॉब’ साइबर कैफे में पैसे लेकर SIR फॉर्म भरने की पुष्टि होने पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से साइबर कैफे को सील कर दिया।
निरीक्षण के दौरान प्रशासन को सूचना मिली थी कि संबंधित साइबर कैफे में मतदाताओं से राशि लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के फॉर्म भरे जा रहे हैं। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद एसडीएम के निर्देश पर मौके पर ही कार्रवाई करते हुए साइबर कैफे को सील कर दिया गया।
इसके बाद एसडीएम ने वासेपुर स्थित ‘रूशान कम्युनिकेशन’ साइबर कैफे का भी निरीक्षण किया। जांच के बाद संचालक को कड़ी चेतावनी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया गया कि SIR फॉर्म भरने की प्रक्रिया में किसी भी निजी साइबर कैफे या अनधिकृत व्यक्ति की भूमिका स्वीकार्य नहीं है।
एसडीएम लोकेश बारंगे ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े फॉर्म भरने और जमा करने के लिए मतदाता केवल बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), बूथ लेवल एजेंट-2 (BLA-2), निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (AERO), सुपरवाइजर या अधिकृत स्वयंसेवकों की ही सहायता लें। उन्होंने कहा कि इससे मतदाताओं की व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रहेगी और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी साइबर कैफे संचालक या निजी व्यक्ति द्वारा चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करना और इसके बदले पैसे लेना कानूनन अपराध है। प्रशासन को यह भी भरोसा नहीं हो सकता कि अनधिकृत व्यक्ति फॉर्म में सही जानकारी दर्ज कर रहे हैं। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने आम जनता से अपील की कि वे किसी भी निजी साइबर कैफे के झांसे में न आएं और SIR फॉर्म से संबंधित कार्य केवल अधिकृत अधिकारियों और कर्मियों के माध्यम से ही कराएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई साइबर कैफे या अन्य व्यक्ति चुनावी प्रक्रिया का व्यवसायीकरण करता हुआ पाया गया, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले में आगे भी इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे, ताकि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से पूरी हो सके।
निरीक्षण के दौरान एनडीसी दीपक कुमार दुबे, नगर निगम के इंस्पेक्टर अनिल कुमार, एसडीएम कार्यालय के विनोद सिंह सहित अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी मौजूद रहे।
















