धनबाद : कोयलांचल धनबाद में इस वर्ष भी इस्कॉन (ISKCON) की ओर से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और पूरे शहर में उत्साह का माहौल है। इस्कॉन धनबाद के अध्यक्ष नाम प्रेमदास ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने धनबाद और आसपास के लोगों से इस आध्यात्मिक महोत्सव में परिवार सहित शामिल होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जो श्रद्धालु किसी कारणवश ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, उन्हें धनबाद में उसी तरह का दिव्य और भव्य अनुभव देने का प्रयास किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य भगवान जगन्नाथ की भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक परंपरा को जन-जन तक पहुंचाना है।
इस बार की रथ यात्रा में सांस्कृतिक विविधता भी आकर्षण का केंद्र होगी। रथ के आगे महिला कलाकारों द्वारा पारंपरिक छऊ नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। वहीं आदिवासी समाज के कलाकार अपने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और लोकनृत्य के साथ शोभायात्रा में शामिल होकर आयोजन की भव्यता बढ़ाएंगे। शहर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी रथ यात्रा में भाग लेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे मार्ग में जगह-जगह शीतल शरबत और पेयजल की व्यवस्था की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 16 जुलाई 2026 को सुबह 7:00 बजे रथ यात्रा स्टील गेट स्थित दुर्गा मंडप से प्रारंभ होगी। वहां से शोभायात्रा तय मार्ग से होते हुए गोल्फ ग्राउंड पहुंचेगी और आगे रणधीर वर्मा चौक तक जाएगी। गोल्फ ग्राउंड में भगवान जगन्नाथ के विश्राम के लिए विशेष रूप से गुंडिचा मंदिर और मासी बाड़ी का निर्माण किया गया है।
रथ यात्रा के साथ 16 से 19 जुलाई 2026 तक गोल्फ ग्राउंड में चार दिवसीय भव्य रथ मेला भी आयोजित किया जाएगा। प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से रात 9:00 बजे तक चलने वाले इस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति संगीत, आध्यात्मिक प्रस्तुतियां और विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे।
इस्कॉन अध्यक्ष नाम प्रेमदास ने बताया कि पूरे चार दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों का लक्ष्य लाखों श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित करना है।
इस्कॉन धनबाद ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में रथ यात्रा और रथ मेले में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें तथा इस भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बनें।
















