देवघर: राजकीय श्रावणी मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए झारखंड और बिहार पुलिस ने संयुक्त ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। नई व्यवस्था के तहत यदि देवघर में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक हो जाती है और झारखंड के सभी होल्डिंग पॉइंट भर जाते हैं, तो बिहार से आने वाले वाहनों को सीमा पर स्थित होल्डिंग एरिया में ही रोक दिया जाएगा।
दोनों राज्यों की पुलिस के बीच 24 घंटे वायरलेस और व्हाट्सएप के माध्यम से रियल टाइम समन्वय रखा जाएगा, ताकि यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर बनी रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लिया जा सके।
प्रशासन ने भागलपुर, सुल्तानगंज, बांका, जमुई और सिकंदरा मार्ग के लिए अलग-अलग ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। झारखंड की ओर दुम्मा बॉर्डर, बीएड कॉलेज ग्राउंड, कुमैठा स्टेडियम (टेंट सिटी), सरासनी और दरशिनिया मोड़ को प्रमुख होल्डिंग पॉइंट बनाया गया है, जहां आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को रोका जाएगा।
प्रशासन ने क्षमता से अधिक श्रद्धालुओं को ले जाने वाले डबल डेकर और ट्रिपल डेकर वाहनों के देवघर प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय लिया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला क्षेत्र में 34 आधुनिक सूचना एवं सहायता केंद्र तथा महिलाओं और बच्चों के लिए 10 मातृत्व विश्राम गृह चौबीसों घंटे संचालित किए जाएंगे।
प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव उपलब्ध कराना है।
















