धनबाद: धनबाद के पथराकुल्ही क्षेत्र में बिजनेस लोन का भुगतान नहीं करने पर पंजाब एंड सिंध बैंक ने न्यायालय के आदेश के तहत बड़ी कार्रवाई शुरू की है। बैंक की अधिकृत टीम बुधवार को संबंधित संपत्ति पर पहुंची और डिफॉल्टर घोषित किए गए दंपति के मकान को सील करने की प्रक्रिया प्रारंभ की। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2019 में दंपति ने व्यवसाय शुरू करने के उद्देश्य से पंजाब एंड सिंध बैंक से लाखों रुपये का बिजनेस लोन लिया था। शुरुआती समय में उन्होंने करीब दो से तीन लाख रुपये जमा किए, लेकिन बाद में नियमित रूप से ऋण की किस्तें नहीं चुका सके। बैंक की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए और भुगतान के लिए पर्याप्त अवसर भी दिए गए, लेकिन बकाया राशि जमा नहीं होने के कारण मामला कानूनी प्रक्रिया तक पहुंच गया।
दंपति ने मीडिया से बातचीत में बताया कि लोन लेने के बाद उनका व्यवसाय अपेक्षित सफलता हासिल नहीं कर सका। इसके बाद उन्होंने कोलकाता में नया कारोबार शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन वहां भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इसी बीच एक दुर्घटना में घायल होने से उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक खराब हो गई। उन्होंने बैंक अधिकारियों से कुछ और समय देने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही बकाया राशि की व्यवस्था कर भुगतान करेंगे।
वहीं, बैंक के अधिकृत अधिकारियों ने बताया कि ऋणधारकों को कई बार भुगतान का अवसर दिया गया, लेकिन लंबे समय तक कोई संतोषजनक भुगतान नहीं होने के कारण न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की गई। अधिकारियों के अनुसार संबंधित संपत्ति की नीलामी (ऑक्शन) की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है और संपत्ति की बिक्री भी हो गई है। अब नियमानुसार मकान को सील कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
बैंक का कहना है कि वर्ष 2019 से लेकर 2026 तक ऋण का पूर्ण भुगतान नहीं किए जाने के कारण यह कार्रवाई पूरी तरह न्यायालय के निर्देश और बैंकिंग नियमों के अनुरूप की जा रही है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घटना से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि बैंक ऋण लेने के बाद समय पर भुगतान करना आवश्यक है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
















