झारखंड में सुंडी समाज का ऐतिहासिक सामूहिक विवाह सम्मेलन, 11 जोड़े एक साथ लेंगे सात फेरे

JP Bharat ShareJharkhand में सुंडी समाज की ओर से दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने और समाज को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 27 मार्च 2027 को आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में सुंडी समाज के 11 जोड़े एक साथ…

JP Bharat Share

Jharkhand में सुंडी समाज की ओर से दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने और समाज को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। आगामी 27 मार्च 2027 को आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में सुंडी समाज के 11 जोड़े एक साथ सात फेरे लेंगे।

आयोजन समिति के अनुसार, सुंडी जाति के अंतर्गत आने वाले सभी गोत्रों के युवक-युवतियां स्वेच्छा से इस सामूहिक विवाह समारोह में भाग ले सकते हैं। कार्यक्रम की खास बात यह है कि इसमें सजाती प्रेम विवाह, विधवा विवाह और तलाकशुदा लोगों के पुनर्विवाह को भी विशेष प्राथमिकता और प्रोत्साहन दिया जाएगा।

समारोह में लगभग 2,000 लोगों के शामिल होने की संभावना है। सभी अतिथियों के लिए भोजन एवं अन्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की जाएगी।

नवदंपतियों को दिए जाएंगे उपहार

विवाह के बाद नवदंपतियों को गृहस्थी शुरू करने के लिए आयोजन समिति की ओर से कई आवश्यक सामग्रियां भेंट की जाएंगी। इनमें:

  • दूल्हा-दुल्हन का विशेष ड्रेस सेट
  • संपूर्ण बर्तन सेट
  • पलंग, गद्दा, तकिया और कंबल
  • बक्सा (ट्रंक) एवं अन्य घरेलू सामान शामिल हैं।

इसके अलावा बारातियों के लिए वाहन, बैंड-बाजा और बारात की व्यवस्था भी समिति की ओर से की जाएगी।

इस पूरे आयोजन का नेतृत्व Gautam Kumar Mandal कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में समिति कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारियों में जुटी हुई है। आयोजन में समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और बुद्धिजीवी वर्ग का भी सहयोग मिल रहा है।

समिति की ओर से समाज के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और वरिष्ठ लोगों से सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन देने की अपील की गई है, ताकि कार्यक्रम को और अधिक सफल बनाया जा सके।


JP Bharat Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the Author

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports