धनबाद: ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और धनबाद पुलिस की ओर से जिला पुलिस मुख्यालय में संयुक्त प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को वित्तीय साइबर अपराधों की पहचान, जांच और रोकथाम से जुड़े आधुनिक तरीकों की जानकारी देना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने किया। इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक ऋतविक श्रीवास्तव, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक एस. मोहम्मद याकूब, सीसीआर डीएसपी प्रदीप कुमार साव सहित पुलिस एवं आरबीआई के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशिक्षण के दौरान आरबीआई के अधिकारियों ने डिजिटल अरेस्ट, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी, मल्टी लेवल मार्केटिंग (एमएलएम), प्रतिरूपण (इम्पर्सोनेशन), अवैध लोन ऐप और अन्य वित्तीय साइबर अपराधों के तरीकों तथा उनसे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही एनबीएफसी, वित्तीय उपभोक्ता संरक्षण और फर्जी निवेश योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की गई।
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि साइबर अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ‘पुलिस की पाठशाला’ के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में लोगों से अपील की गई कि यदि वे किसी भी प्रकार की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार हों तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें या 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करें। साथ ही संदिग्ध लिंक, फर्जी निवेश योजनाओं और अनजान कॉल से सतर्क रहने की भी सलाह दी गई।
















